Related Articles
बाड़मेर: पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर विरधाराम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी। इसमें आलीशान बंगला, लग्जरी कारें और वीआर सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी की तीन स्लीपर बसें शामिल हैं। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत की गई, जिससे तस्करों के खिलाफ बाड़मेर में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।
पुलिस ने मकान पर लगाया बोर्ड
पुलिस ने विरधाराम के गांव गालाबेरी स्थित बंगले के बाहर एक बोर्ड लगाया जिसमें लिखा है कि यह संपत्ति एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीज की गई है। बिना सरकारी अनुमति इसे बेचना, खरीदना, गिरवी रखना या स्थानांतरित करना अवैध होगा।
काले धन को सफेद करने की कोशिश
पुलिस जांच में पता चला कि विरधाराम ने अपनी पत्नी के नाम पर ‘वीआर सियोल कंस्ट्रक्शन’ कंपनी बनाई और अवैध धन से लग्जरी बसें और कारें खरीदीं। यह काले धन को सफेद करने का प्रयास था।
तस्करी और अपराधों का लंबा इतिहास
- विरधाराम पर पहला तस्करी का केस 2012 में दर्ज हुआ था।
- उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मारपीट और आर्म्स एक्ट के 10 केस दर्ज हैं।
- वह छह साल तक फरार रहा और अगस्त 2023 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
- बाड़मेर के अलावा चित्तौड़गढ़, नीमच और अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ तस्करी के मामले दर्ज हैं।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
एसपी नरेंद्रसिंह मीना के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम में थानाधिकारी सत्यप्रकाश विश्रोई, एएसआई ललित खत्री, एएसआई जुंझारसिंह, हेड कांस्टेबल खेताराम, कांस्टेबल सुरेशकुमार और भरतकुमार शामिल रहे।
तस्करों पर आगे भी होगी सख्ती
एसपी ने बताया कि अवैध संपत्तियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। पुलिस अब अन्य तस्करों का रिकॉर्ड तैयार कर रही है और इसी तरह अवैध संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
CHANNEL009 Connects India
