Related Articles
कोटपूतली-बहरोड़ में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। खेतों में पानी भरने से बाजरे की खड़ी फसल गिरकर सड़ने लगी है। इससे किसानों की सालभर की मेहनत पर संकट मंडरा रहा है।
खेतों में भारी नुकसान
-
इस खरीफ सीजन में जिले में 1.26 लाख हेक्टेयर में बाजरा, 1500 हेक्टेयर में ग्वार और 1545 हेक्टेयर में कपास बोई गई थी।
-
किसानों का कहना है कि बाजरे की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन पानी भरने से उत्पादन आधा हो सकता है।
-
खेत देखकर किसानों का मन टूट रहा है।
कृषि विभाग की सलाह
-
यदि खेतों से पानी जल्द नहीं निकाला गया तो फसल पूरी तरह खराब हो सकती है।
-
किसान गिरी हुई फसल को अभी न काटें, धूप निकलने पर पौधे कुछ हद तक सही हो जाएंगे।
-
बाजरे की कटाई 5-10 दिन बाद करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
-
अभी किसी भी तरह का स्प्रे न करें, इससे नुकसान बढ़ सकता है।
नुकसान का सर्वे
-
कृषि विभाग फसल नुकसान का सर्वे कर रहा है।
-
अब तक 1700 हेक्टेयर बाजरे की फसल को नुकसान का आंकलन हुआ है।
-
अगले दो दिन में पूरा सर्वे कर सही आंकड़े सामने आएंगे।
किसानों की उम्मीद अब प्रशासन से है कि नुकसान का आकलन कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
क्या आप चाहेंगे कि मैं इसे और छोटा करके टीवी/सोशल मीडिया न्यूज फ्लैश की तरह 4–5 बुलेट पॉइंट्स में बना दूँ?
CHANNEL009 Connects India
