ऊर्जा निगम ने एक बार फिर बिजली उपभोक्ताओं को झटका दिया है। फरवरी महीने के लिए बिजली की नई दरें जारी कर दी गई हैं, जिससे बीपीएल उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगों तक सभी पर असर पड़ेगा। बढ़ी हुई दरों के अनुसार उपभोक्ताओं को महंगे बिजली बिल होली के समय मिलेंगे।
ऊर्जा निगम ने यह बढ़ोतरी फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPC A) के तहत की है। नई दरों को यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार की मंजूरी के बाद लागू किया गया है।
लगातार बढ़ रही बिजली की कीमतें
पिछले कुछ महीनों से बिजली दरें बार-बार बढ़ाई जा रही हैं। जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच सिर्फ तीन बार ही बिजली के बिल सस्ते हुए, जबकि 10 महीनों में दरें बढ़ाई गईं। इससे उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
सरकार ने दिसंबर में भी बिजली दरों में 16.23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया था, जिससे लोगों में पहले ही नाराजगी थी। इसके बावजूद फरवरी में फिर दाम बढ़ा दिए गए।
प्रति यूनिट कितनी बढ़ोतरी हुई
फरवरी में बिजली की दरों में 4 पैसे से लेकर 15 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है।
किन उपभोक्ताओं पर कितनी बढ़ोतरी
ऊर्जा निगम के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में यह बढ़ोतरी की गई है—
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बीपीएल उपभोक्ता: 0.4 पैसा प्रति यूनिट
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घरेलू उपभोक्ता: 10 पैसे
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कमर्शियल (व्यावसायिक): 14 पैसे
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सरकारी संस्थान: 13 पैसे
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निजी ट्यूबवेल: 0.4 पैसा
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कृषि: 0.7 पैसा
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उद्योग: 13 पैसे
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मिक्स लोड: 12 पैसे
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रेलवे: 12 पैसे
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ईवी चार्जिंग स्टेशन: 12 पैसे
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अस्थाई कनेक्शन: 15 पैसे प्रति यूनिट
उपभोक्ताओं पर दोहरा बोझ
ऊर्जा निगम का दावा था कि मासिक समायोजन लागू होने के बाद सालाना दरें नहीं बढ़ेंगी, लेकिन इसके बावजूद 1 अप्रैल 2025 से बिजली की वार्षिक दरों में 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक भार पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, लगातार बढ़ती बिजली दरों ने आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है।
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