Related Articles
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़): जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लगभग सात गांवों के लोगों ने देर रात डोंगरगढ़-चिचोला मार्ग को जाम कर दिया। यह प्रदर्शन करीब 4 घंटे तक चला, जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
किन गांवों के लोग शामिल थे?
लाल बहादुर नगर, मानिकपुर, गोविंदपुर, मक्काटोला, खुबाटोला और बरमपुर जैसे गांवों के लोग बिजली समस्या को लेकर सड़कों पर उतरे। ग्रामीणों ने कहा कि बिना सूचना के घंटों बिजली काट दी जाती है। जब बिजली आती है, तो वोल्टेज इतना कम होता है कि पंखे और कूलर तक नहीं चलते।
बच्चों की पढ़ाई और पानी की भी समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और पीने के पानी की भी परेशानी हो गई है। गुस्साए लोगों ने अधिकारियों से कहा – “अगर पानी नहीं दे सकते, तो हमें जहर दे दो। हम मरने को तैयार हैं।”
क्या कहा अधिकारियों ने?
-
एसडीओपी आशीष कुंजाम ने बताया कि बिजली व्यवस्था की जांच के लिए पटवारी को आदेश दिए गए हैं।
-
डीई नरेंद्र साहू ने कहा कि फीडर में लोड ज्यादा होने से 15 अप्रैल को ब्लास्ट हुआ था, जिससे बिजली सप्लाई बंद हो गई थी।
-
सुधार के लिए जिला मुख्यालय से टेक्नीशियन बुलाकर मरम्मत करवाई गई।
भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार है। अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर गलत तरीके से अस्थाई कनेक्शन दिए हैं, जिससे लोड बढ़ गया है और आम उपभोक्ताओं को सही बिजली नहीं मिल रही है।
आगे की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि अगर बिजली की समस्या जल्द नहीं सुलझी, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल बिजली विभाग व प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
CHANNEL009 Connects India
