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सहारनपुर (यूपी) – जिले के नागल ब्लॉक में 15 स्कूल बिना सरकारी मान्यता के चल रहे थे। जब सरकारी स्कूलों में एडमिशन कम आने लगे, तब बेसिक शिक्षा विभाग ने पड़ताल की और यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इसके बाद विभाग ने इन सभी स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं, जिससे स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जब सरकारी स्कूल खाली रहे, तब हुई जांच
शिक्षा विभाग को पहले तो इन स्कूलों की जानकारी नहीं थी। लेकिन जब सरकारी स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे थे और एडमिशन टारगेट पूरे नहीं हो पा रहे थे, तब विभाग को इन गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों का पता चला। अगर सरकारी स्कूलों में एडमिशन सही से हो जाते, तो शायद इन स्कूलों पर ध्यान ही नहीं दिया जाता।
मान्यता सिर्फ 5वीं तक, पढ़ा रहे थे 12वीं तक
जांच में पता चला कि कई स्कूलों की मान्यता सिर्फ कक्षा 5 तक थी, लेकिन वे 12वीं तक के बच्चों को एडमिशन दे रहे थे। यह शिक्षा के अधिकार कानून का खुला उल्लंघन है।
खंड शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र बालियान ने बताया कि ब्लॉक में कुल 171 स्कूल और मदरसे चल रहे हैं। जो स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब होगी सख्त कार्रवाई
बेसिक शिक्षा विभाग ने कहा है कि नोटिस के बाद अगर स्कूल संचालक सुधार नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सिर्फ नागल ब्लॉक की बात है, पूरे जिले में कई और स्कूल ऐसे हो सकते हैं जो बिना अनुमति के चल रहे हों।
यह मामला बताता है कि किस तरह बच्चों की शिक्षा और भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है और इसे रोकने के लिए अब शिक्षा विभाग को सतर्क होना पड़ेगा।
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