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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को एक महिला आरक्षक की शिकायत के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह मामला पहले बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज किया गया था। शिकायत में महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
शादी का वादा कर बनाए संबंध
महिला आरक्षक का कहना है कि साल 2017 में जब वह डौंडी के आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी, तभी उसकी पहचान दिलीप उइके से हुई। बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।
महिला का आरोप है कि उइके ने शादी का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। मार्च 2017 में जब वह गर्भवती हुई, तो उइके ने पढ़ाई और नौकरी का हवाला देकर शादी टाल दी और दवा देकर गर्भपात करा दिया।
आर्थिक शोषण का भी आरोप
महिला के अनुसार, पुलिस विभाग में नौकरी लगने के बाद भी वह शादी की उम्मीद में उइके की पढ़ाई और कोचिंग के लिए हर महीने 4 से 5 हजार रुपये भेजती रही।
साल 2020 में उइके पीएससी पास कर डिप्टी कलेक्टर बने और बीजापुर में पदस्थ हुए। इसके बाद भी शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए जाते रहे।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसने बैंक से लोन लेकर करीब 3.30 लाख रुपये उइके के खाते में ट्रांसफर किए।
जबरन गर्भपात कराने का आरोप
महिला का कहना है कि जनवरी 2025 में वह बीजापुर के सरकारी आवास में एक सप्ताह रही। इस दौरान गर्भवती होने की जानकारी देने पर उइके ने जबरन गर्भपात की दवा दी।
फरवरी और मार्च 2025 में भी शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गए। 15 मई 2025 को तीसरी बार गर्भवती होने पर भी गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है।
कार खरीदने और ट्रांसफर करने का मामला
महिला के अनुसार, फरवरी 2023 में उइके ने उसके नाम से एक मारुति कार खरीदी। बाद में फरवरी 2024 में उसके खाते में रकम डालकर कार अपने नाम कर ली।
जांच जारी
महिला ने मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में विस्तृत शिकायत भेजी है और कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। डौंडी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।
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