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बैटमैन, इंसेप्शन और इंटरस्टेलर बनाने वाले ऑस्कर विनर क्रिस्टोफर नोलन स्मार्टफोन और ईमेल क्यों नहीं यूज करते?

स्मार्टफोन-ईमेल से दूर रहते हैं क्रिस्टोफर नोलन, जानिए क्यों डिजिटल दुनिया से दूरी बनाकर रखते हैं ऑस्कर विनर डायरेक्टर

channel_009 | एंटरटेनमेंट डेस्क

‘बैटमैन’, ‘इंसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’ और ‘ओपेनहाइमर’ जैसी फिल्मों से दुनियाभर में पहचान बनाने वाले ऑस्कर विनर फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन अपनी फिल्मों जितने ही अपनी निजी आदतों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नोलन आमतौर पर स्मार्टफोन और ईमेल का इस्तेमाल नहीं करते।

आज के डिजिटल दौर में जहां हर काम मोबाइल, मैसेज और ईमेल से जुड़ा हुआ है, वहीं नोलन का यह तरीका लोगों को चौंकाता है। नोलन का मानना है कि स्मार्टफोन और लगातार आने वाले डिजिटल नोटिफिकेशन ध्यान भटकाते हैं। वे अपने क्रिएटिव काम के लिए गहरी एकाग्रता और शांत माहौल को जरूरी मानते हैं।

नोलन अक्सर अपनी स्क्रिप्ट राइटिंग और फिल्ममेकिंग प्रक्रिया में पूरी तरह डूबकर काम करते हैं। उनका मानना है कि अगर हर समय फोन या ईमेल पर ध्यान जाता रहे, तो सोच की गहराई टूट जाती है। यही वजह है कि वे तकनीक से पूरी तरह भागते नहीं, लेकिन उसे अपने काम और जिंदगी पर हावी भी नहीं होने देते।

क्रिएटिविटी के लिए डिजिटल दूरी

नोलन की फिल्मों में जटिल कहानी, समय की परतें, साइंस, इमोशन और विजुअल ग्रैंडनेस का खास मेल दिखाई देता है। ऐसे काम के लिए लंबे समय तक बिना रुकावट सोचने की जरूरत होती है। नोलन इसी वजह से डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से दूरी बनाकर रखते हैं।

कहा जाता है कि वे कई जरूरी बातचीत पारंपरिक तरीकों से करना पसंद करते हैं। फिल्म सेट पर भी उनका फोकस स्क्रीन से ज्यादा वास्तविक अनुभव, कैमरा, कलाकारों और कहानी पर रहता है। वे बड़े पैमाने पर प्रैक्टिकल इफेक्ट्स और फिल्म कैमरा के इस्तेमाल के लिए भी जाने जाते हैं।

क्यों चर्चा में है नोलन की आदत?

स्मार्टफोन और ईमेल न इस्तेमाल करने की उनकी आदत इसलिए खास है क्योंकि वे दुनिया के सबसे सफल और तकनीकी रूप से शानदार फिल्ममेकर्स में से एक हैं। इसके बावजूद वे मानते हैं कि अच्छी कहानी और गहरी सोच के लिए हर समय ऑनलाइन रहना जरूरी नहीं है।

फैंस के लिए नोलन की यह आदत एक बड़ा संदेश भी देती है—कभी-कभी बेहतरीन आइडिया स्क्रीन से दूर रहकर ही आते हैं। डिजिटल दुनिया सुविधा देती है, लेकिन क्रिएटिविटी के लिए फोकस और शांत दिमाग भी उतना ही जरूरी है।

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