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माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। इसी के साथ कॉपियों की जांच की तैयारी भी शुरू हो गई है। इस बार मूल्यांकन दो चरणों में होगा। पहला चरण 22 फरवरी से और दूसरा चरण 3 मार्च से शुरू होगा।
रोज ज्यादा कॉपियां जांचनी होंगी
इस बार शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। पहले एक शिक्षक को रोज 30 कॉपियां जांचनी होती थीं, लेकिन अब 45 से 60 कॉपियां रोज जांचनी होंगी। कॉपियों को सख्त सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी में रखा जाएगा।
कहां होगा मूल्यांकन?
हर साल की तरह इस बार भी मूल्यांकन का काम शासकीय कन्या उमा विद्यालय, छावनी में होगा। यहां कॉपियों के सुरक्षित रखने और जांच की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
688 शिक्षकों की ड्यूटी
मूल्यांकन के लिए 688 शिक्षकों की सूची तैयार की गई है। इन्हें पहले प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कॉपियां आने के बाद इन्हीं शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
दो चरणों में जांच
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पहला चरण (22 फरवरी से): अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, इतिहास, कृषि और विज्ञान की कॉपियां जांची जाएंगी।
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दूसरा चरण (3 मार्च से): बाकी विषयों की कॉपियों का मूल्यांकन होगा।
प्रति कॉपी मानदेय
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हाईस्कूल (10वीं) की एक कॉपी पर 15 रुपये
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हायर सेकंडरी (12वीं) की एक कॉपी पर 16 रुपये
मुख्यालय के बाहर से आने वाले शिक्षकों को 180 रुपये वाहन भत्ता और स्थानीय शिक्षकों को 130 रुपये भत्ता दिया जाएगा।
ऐप से लगेगी हाजिरी
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। शिक्षकों को पहले मोबाइल ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। बिना ऐप पर हाजिरी लगाए उन्हें कॉपियां नहीं मिलेंगी। रोज जांची गई कॉपियों का रिकॉर्ड ऐप और रजिस्टर दोनों में दर्ज करना जरूरी होगा।
निरीक्षण दल भी ऐप के जरिए निगरानी करेगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जिम्मेदार बने।
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