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ब्रिटेन ने सीरियाई लोगों को दिया झटका; शरण देने पर लगाई रोक, शांति व स्थिरता का आह्वान

सारांश

ब्रिटेन ने सीरिया से शरण मांगने वालों के लिए एक बड़ा झटका देते हुए शरण देने से जुड़े सभी फैसलों पर अस्थायी रोक लगा दी है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस फैसले के साथ क्षेत्र में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विस्तार

सीरियाई शरणार्थियों को झटका

ब्रिटेन के गृह विभाग ने कहा है कि सीरिया की मौजूदा स्थिति की समीक्षा पूरी होने तक शरण देने के फैसलों को रोक दिया गया है। यह कदम जर्मनी, ग्रीस और ऑस्ट्रिया जैसे देशों के समान कार्रवाई के बाद उठाया गया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि सभी शरण संबंधी दिशा-निर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, ताकि उभरते मुद्दों पर सही तरीके से प्रतिक्रिया दी जा सके।

मध्य पूर्व के लिए मानवीय सहायता

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हाल ही में मध्य पूर्व दौरे के दौरान सऊदी अरब और यूएई के नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने सीरिया के कमजोर और विस्थापित लोगों की मदद के लिए 11 मिलियन पाउंड की मानवीय सहायता देने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री का बयान

स्टार्मर ने कहा, “मध्य पूर्व की घटनाओं का प्रभाव हमारे देश पर भी पड़ता है। इसलिए, हम सऊदी अरब के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं। साथ ही, सीरिया के सबसे कमजोर लोगों की सुरक्षा, लेबनान में सहयोगियों का समर्थन और इस्राइल-गाजा में संघर्षविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

असद सरकार का पतन और आगे की योजना

प्रधानमंत्री ने सीरिया में असद सरकार के पतन का स्वागत करते हुए कहा कि सीरियाई लोगों ने लंबे समय तक अत्याचार झेला है। अब प्राथमिकता राजनीतिक समाधान और शांति-स्थिरता की बहाली पर है।

हयात तहरीर अल-शाम (HTS) पर नजर

विदेश सचिव डेविड लैमी ने भी हाउस ऑफ कॉमन्स में बयान दिया कि ब्रिटेन HTS की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने असद को एक तानाशाह बताया और सीरिया में शांति स्थापित करने पर जोर दिया।

निष्कर्ष

ब्रिटेन का यह फैसला सीरिया के शरणार्थियों के लिए कठिनाई पैदा कर सकता है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह निर्णय वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए लिया गया है। साथ ही, क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयास जारी रहेंगे।

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