लंदन, ब्रिटेन:
भारतीय संसद के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन की तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत रविवार को की, जिसमें भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पाकिस्तान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं बचा और वहाँ की सत्ता अब पूरी तरह सैन्य जनरलों के नियंत्रण में है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा,
“जो मैदान में हारते हैं, वे फील्ड मार्शल बन जाते हैं — यही पाकिस्तान का हाल है।”
गांधी जी और अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी स्मारक और अंबेडकर संग्रहालय का दौरा किया। रविशंकर प्रसाद ने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अहिंसा और शांति के सिद्धांत आज के आतंकवाद-प्रभावित युग में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
एमजे अकबर ने 1947 में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में 5,000 लड़ाकों को भेजे जाने की घटना को याद किया और कहा कि
“गांधीजी शांति के पुजारी थे, लेकिन जब आतंकी हमले हुए तो उन्होंने भी भारतीय सेना को कार्रवाई का समर्थन दिया था।”
प्रवासी भारतीयों को आश्वासन: “भारत आतंकवाद से निपटेगा”
प्रवासियों को संबोधित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने भरोसा दिलाया कि भारत आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा,
“भारत मज़बूत है और आतंकवादियों को उनकी हरकतों की कीमत चुकानी होगी।”
पाकिस्तान पर तीखी टिप्पणी: लोकतंत्र नहीं, सिर्फ सेना का राज
राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने 1950 में संविधान के जरिए गणराज्य की नींव रखी, जबकि पाकिस्तान अब तक एक स्थायी लोकतंत्र की तलाश में है और वहाँ सैन्य शासन की पकड़ मजबूत होती जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर और सुरक्षा पर चर्चा
पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सरन ने “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर चलाया गया एक पूर्णतः सफल सैन्य अभियान था।
सर्वदलीय एकता और आतंकवाद पर वैश्विक दृष्टिकोण
बीजेपी सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी ने कहा कि भारत में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब देश की सुरक्षा की बात आती है, तो सभी दल एक साथ खड़े होते हैं।
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने आतंकवाद को केवल भारत की नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या बताते हुए कहा कि दुनिया को अब इस मुद्दे को “कभी-कभार की घटना” समझना बंद करना चाहिए।
भविष्य की योजना: यूरोप के लिए रवाना
यह प्रतिनिधिमंडल अब आगे यूरोपीय संघ और जर्मनी की यात्रा करेगा, जहां विभिन्न सांसदों, थिंक टैंकों और प्रवासी समूहों से मुलाकात होगी। यह अभियान भारत सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत सात प्रतिनिधिमंडल 33 वैश्विक राजधानियों का दौरा कर रहे हैं, ताकि आतंकवाद और पाकिस्तान के समर्थन के खिलाफ विश्व समुदाय को जागरूक किया जा सके।
🇮🇳 संक्षेप में:
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भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सटीक जवाबी कार्रवाई की।
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पाकिस्तान द्वारा आतंकी ढांचे पर भारत का जवाब सख्त रहा।
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वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख और सक्रिय हो गया है।
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