Related Articles
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के बहज गांव में खुदाई के दौरान इतिहास से जुड़ी कई कीमती चीजें और अवशेष मिले हैं। यह जगह गोवर्धन के 84 कोस परिक्रमा मार्ग के पास है। खुदाई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने की है।
क्या मिला खुदाई में?
-
महाभारत काल से जुड़ी 4500 से 5000 साल पुरानी सभ्यता के संकेत मिले हैं।
-
खुदाई में निवास स्थान का ढांचा मिला, जिसमें कुआं, रसोईघर, सोने का कमरा और बैठक के निशान हैं।
-
शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां,
-
तांबे और चांदी के पुराने सिक्के (पंचमार्क),
-
ब्राह्मी लिपि,
-
शंख की चूड़ियां,
-
हवन कुंड,
-
मातृदेवियों की मूर्तियां,
-
लौह धातु से औजार बनाने की भट्टियां भी खुदाई में मिली हैं।
महिला का कंकाल भी मिला
खुदाई में एक महिला का कंकाल भी मिला है, जिसकी ऊंचाई लगभग 5 फीट 2 इंच है। यह कंकाल गुप्तकाल का माना जा रहा है और जांच के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय भेजा गया है।
कालीबंगा के बाद सबसे बड़ी खोज
पुरातत्वविदों का कहना है कि कालीबंगा के बाद यह क्षेत्र राजस्थान का सबसे बड़ा और अहम ऐतिहासिक उत्खनन स्थल बनकर उभरा है।
खुदाई कब हुई?
यह खुदाई अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक की गई थी।
इस काम को जयपुर मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद विनय गुप्ता के निर्देशन में शोधार्थी पवन सारस्वत और उनकी टीम ने अंजाम दिया।
निष्कर्ष:
भरतपुर की इस ऐतिहासिक खुदाई ने हमें महाभारत कालीन जीवन, संस्कृति और रहन-सहन की झलक दी है। यह खोज भारतीय इतिहास और पुरातत्व की दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
CHANNEL009 Connects India
