वॉशिंगटन:
भारतीय मूल के न्यूयॉर्क सिटी मेयर पद के उम्मीदवार जोहरान ममदानी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे हाथ से चावल खाते नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो को आधार बनाकर अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद ब्रैंडन गिल ने उन्हें “थर्ड वर्ल्ड” वापस जाने की सलाह दे डाली।
गिल ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा,
“अमेरिका में सभ्य लोग इस तरह नहीं खाते। अगर तुम पश्चिमी रीति-रिवाज नहीं अपना सकते, तो वापस तीसरी दुनिया चले जाओ।”
सोशल मीडिया पर पलटा जवाब
गिल की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बवाल खड़ा कर दिया। हजारों यूजर्स ने उनके बयान को नस्लवादी और अपमानजनक बताते हुए पलटवार किया।
एक यूजर ने लिखा:
“तो फिर आप बर्गर, पिज्जा, टाको, और चिप्स भी कांटे से खाते हो? लेज़ के लिए भी चम्मच रखते हो?”
कई लोगों ने गिल के ससुर और दक्षिणपंथी कमेंटेटर दिनेश डी’सूजा की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे खुद हाथ से खाना खाते नजर आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा:
“लो सभ्य अमेरिका वाले, ये रहे आपके ससुर जी – ‘ऐसे खाते हुए’।”
यहां तक कि गिल की खुद की तस्वीरें भी सामने आ गईं जिसमें वे बिना किसी कटलरी के हाथों से पिज्जा और हॉटडॉग खा रहे हैं।
पत्नी ने किया बचाव, लेकिन बात और बिगड़ गई
ब्रैंडन गिल की पत्नी डेनियल डी’सूजा गिल, जो भारतीय मूल की हैं, ने अपने पति का समर्थन किया। उन्होंने X पर लिखा:
“मैं अमेरिका में पैदा हुई हूं और हमेशा कांटे से ही खाना खाती हूं। मैं एक क्रिश्चियन MAGA पैट्रियट हूं। मेरे पिताजी का परिवार भारत में रहता है और वे भी फोर्क इस्तेमाल करते हैं। धन्यवाद इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए।”
उनकी इस सफाई पर भी लोगों ने तंज कसा और कहा कि भारतीय संस्कृति को नीचा दिखाना शर्मनाक है, खासकर जब आप खुद उसी से जुड़े हों।
ममदानी पर सियासी हमला तेज
जोहरान ममदानी, जो हाल ही में एंड्रयू कुओमो को हराकर डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीते हैं, पहले से ही रिपब्लिकन पार्टी के निशाने पर हैं।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी धमकी दी है कि अगर ममदानी मेयर बने और “लाइन पर नहीं आए”, तो न्यूयॉर्क की फंडिंग काट दी जाएगी।
मूल रूप से युगांडा में जन्मे ममदानी ने एक इंटरव्यू में कहा था:
“अगर आप तीसरी दुनिया में पले-बढ़े हैं, तो फ़िलिस्तीन के संघर्ष को एक अलग, अधिक मानवीय नजरिए से समझते हैं।”
यही बयान और उनका खाने का तरीका अब कुछ दक्षिणपंथी नेताओं के लिए बहाना बन गया है कि उन्हें ‘गैर-अमेरिकन’ ठहराया जा सके।
लॉरा लूमर की आपत्तिजनक टिप्पणी
MAGA एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने भी ममदानी को निशाने पर लेते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा:
“वो जिस तरह से खाना खाते हैं, देखकर लगता है कि वे अफ्रीका से हैं। मेरे कुत्ते भी उनसे ज्यादा सभ्य तरीके से खाते हैं।”
इसके बाद उन्होंने ममदानी की माँ और फिल्ममेकर मीरा नायर पर भी हमला बोला, ये कहते हुए कि वो “नेपो बेबी” हैं और अपनी माँ के करोड़ों के अपार्टमेंट में रहते हुए पूंजीपतियों के खिलाफ लड़ने का नाटक कर रहे हैं।
सांस्कृतिक विविधता बनाम नस्लीय राजनीति
हाथ से खाना दक्षिण एशिया में एक सामान्य और सांस्कृतिक परंपरा है। लेकिन इसे लेकर अमेरिकी राजनीति में जिस तरह की बयानबाज़ी हो रही है, वह बताती है कि नस्लीय भेदभाव और सांस्कृतिक श्रेष्ठता की बहसें आज भी जिन्दा हैं — और सोशल मीडिया हर बार इसका आईना बन जाता है।
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