इस्लामाबाद/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से सख्त रुख और सैन्य तैयारियों ने पाकिस्तान की सरकार को हिला कर रख दिया है। भारत द्वारा प्रस्तावित सैन्य अभ्यास यानी ‘मॉक वॉर ड्रिल’ के मद्देनज़र, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुफिया एजेंसी ISI मुख्यालय का दौरा किया, जहां उन्हें ताजा सुरक्षा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अहम बैठक में शरीफ के साथ विदेश मंत्री इसहाक डार, सेना प्रमुख जनरल असीम मनीर, और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक बयान में बताया कि भारत की ओर से सीमाओं पर बढ़ते दबाव और पारंपरिक एवं आधुनिक खतरों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई।
भारत की तैयारी से बढ़ी बेचैनी
भारत द्वारा LoC के निकट युद्धाभ्यास की तैयारी ने पाकिस्तान में राजनीतिक और सैन्य हलकों में बेचैनी बढ़ा दी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत किसी भी समय नियंत्रण रेखा पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य हमले की योजना बना रहा है।”
रक्षा बजट में भारी इजाफा करने की योजना
तनाव के इस माहौल में पाकिस्तान सरकार अब अपना रक्षा बजट 18 प्रतिशत बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में रक्षा क्षेत्र को 2,500 अरब रुपये से अधिक आवंटित कर सकती है। बीते वर्ष यह बजट 2,122 अरब रुपये था।
यह फैसला पीएमएल-एन और पीपीपी के बीच बनी सहमति के तहत हुआ है। दोनों दलों ने मौजूदा सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए बजट में वृद्धि को आवश्यक बताया है। जानकारी के मुताबिक, यह नया बजट जून के पहले सप्ताह में पेश किया जाएगा।
सबसे बड़ा खर्च – कर्ज भुगतान, दूसरे नंबर पर रक्षा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के कुल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जाता है, जिसके लिए इस वर्ष 9,700 अरब रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बाद रक्षा क्षेत्र का बजट आता है, जो तेजी से बढ़ता जा रहा है।
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