वेटिकन सिटी: पोप फ्रांसिस के निधन के बाद अब अगला पोप चुनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, और इसके लिए वेटिकन ने पूरी तरह से संचार लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। यह चुनाव सैकड़ों साल पुरानी परंपरा ‘कॉन्क्लेव’ के तहत किया जाएगा, जिसमें पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है।
मोबाइल सिग्नल और डिवाइस पूरी तरह बंद
बुधवार दोपहर से, वेटिकन के अंदर सभी मोबाइल नेटवर्क और डिजिटल संचार माध्यमों को बंद कर दिया जाएगा। सिस्टिन चैपल के चारों ओर विशेष सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे ताकि कोई भी संचार या डेटा ट्रांसमिशन न हो सके। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि पोप चुनाव में शामिल 133 कार्डिनल्स किसी भी बाहरी संपर्क से पूरी तरह कटे रहें।
कॉन्क्लेव: परंपरा और पूर्ण गोपनीयता का मेल
‘कॉन्क्लेव’ एक विशेष प्रक्रिया है जो लैटिन शब्द cum clave से आया है, जिसका अर्थ है ‘कुंजी के साथ बंद’। इस प्रक्रिया में दरवाजे तब तक बंद रहते हैं जब तक नया पोप नहीं चुन लिया जाता। मंगलवार को, सभी कार्डिनल्स अपने फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कर देंगे और उन्हें तब तक नहीं लौटाया जाएगा जब तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
शपथ और सख्त नियम
हर कार्डिनल को पूरी प्रक्रिया के दौरान मौन और गोपनीयता की शपथ लेनी होती है। इस दौरान वेटिकन के कर्मचारी भी अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर सकेंगे और उन्हें भी गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है।
बाहरी दुनिया से कटा रहेगा पूरा क्षेत्र
हालांकि सेंट पीटर स्क्वायर जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में मोबाइल सिग्नल उपलब्ध रहेंगे, लेकिन कॉन्क्लेव क्षेत्र को पूरी तरह लॉकडाउन ज़ोन बना दिया गया है। सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर, ड्रोन निरोधक उपकरण, और कई चेकपॉइंट्स लगाए गए हैं।
इतिहास दोहराया जा रहा है
2013 में जब पोप फ्रांसिस चुने गए थे, तब भी यही सख्त व्यवस्था अपनाई गई थी। इस बार भी वही प्रक्रिया दोहराई जा रही है, लेकिन तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए और अधिक सख्ती बरती जा रही है।
आखिरी विदाई के बाद नई शुरुआत
पोप फ्रांसिस का निधन 21 अप्रैल को हुआ था और उनका अंतिम संस्कार 26 अप्रैल को हुआ। अब चर्च और विश्व भर के कैथोलिकों की निगाहें इस ऐतिहासिक निर्णय पर टिकी हुई हैं।
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