भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया गया, जिनमें जमात-उद-दावा (JuD) का प्रमुख केंद्र भी शामिल था। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में फैले नौ आतंकवादी ठिकानों पर देर रात मिसाइल दागी।
जमात-उद-दावा का मुख्यालय बना निशाना
मुरीदके, जो लाहौर से लगभग 40 किलोमीटर दूर है, वहां स्थित JuD के मुख्यालय में मिसाइल हमले से भारी नुकसान हुआ। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में एक मस्जिद और एक शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह नष्ट हो गए। साथ ही, JuD के तीन आतंकवादी मारे गए, जिनके अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के सैन्य और सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए — जिससे देश के भीतर विवाद और बढ़ गया।
पाक सरकार का पुनर्निर्माण का ऐलान
हमलों के बाद, पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के अध्यक्ष खालिद मसूद सिंधु ने बयान दिया कि सरकार भारत के मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त मस्जिदों का पुनर्निर्माण कराएगी। उन्होंने इसे “सराहनीय निर्णय” बताया।
JuD और आतंकी नेटवर्क
जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का ही एक फ्रंट संगठन है। LeT भारत में कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है, जिसमें सबसे भयानक 2008 का मुंबई हमला (26/11) भी शामिल है। JuD को पाकिस्तान में प्रतिबंधित घोषित किया गया है, परंतु इसकी राजनीतिक शाखा के रूप में PMML कार्यरत है।
भारत का जवाबी एक्शन
भारतीय सेना के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के अड्डों और मुरीदके में लश्कर के मुख्यालय पर सटीक और योजनाबद्ध मिसाइल हमले किए गए। पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि उन्होंने भी ‘ऑपरेशन बुन्यान-ए-मर्सूस’ के तहत जवाब दिया, लेकिन भारत ने इन प्रयासों को पूरी तरह विफल कर दिया।
CHANNEL009 Connects India
