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भारत पर अचानक इतना प्यार क्यों दिखा रहे ट्रम्प? रूबियो की यात्रा से पहले कूटनीतिक हलचल तेज
channel_009 | International / Diplomacy News
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत को लेकर बदले हुए सुर ने कूटनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। सवाल उठ रहा है कि भारत को लेकर यह अचानक दिख रहा “प्यार” किसी बड़ी रणनीतिक जरूरत का हिस्सा है या फिर पुराने बयानों और नीतियों से हुए नुकसान की भरपाई करने की कोशिश।
रूबियो की प्रस्तावित यात्रा से पहले अमेरिका की तरफ से भारत को लेकर सकारात्मक संकेतों को बेहद अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अमेरिका के लिए भारत सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एशिया में चीन के प्रभाव को संतुलित करने वाला मजबूत साझेदार भी है।

भारत-अमेरिका रिश्तों में रक्षा, टेक्नोलॉजी, व्यापार, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे मुद्दे लंबे समय से अहम रहे हैं। ऐसे में ट्रम्प खेमे की तरफ से भारत को लेकर नरम और दोस्ताना भाषा भविष्य की राजनीतिक रणनीति का संकेत भी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रम्प को भारतीय-अमेरिकी वोटर्स, व्यापारिक संबंधों और वैश्विक रणनीतिक समीकरणों की अहमियत अच्छी तरह समझ आती है। यही कारण है कि भारत को लेकर उनका रुख चुनावी और कूटनीतिक दोनों नजरिए से मायने रखता है।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि यह केवल डैमेज कंट्रोल भी हो सकता है। पहले व्यापार शुल्क, वीजा नीति और अमेरिका-फर्स्ट जैसे मुद्दों पर भारत को लेकर सख्त रुख देखने को मिला था। अब बदलते वैश्विक हालात में अमेरिका भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत दिखाना चाहता है।
रूबियो की यात्रा को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरे में रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, चीन की चुनौती और व्यापारिक रिश्तों पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल भारत को लेकर अमेरिकी राजनीतिक भाषा में नरमी साफ दिख रही है, लेकिन असली तस्वीर आने वाले दिनों में नीतिगत फैसलों से ही साफ होगी। सवाल यही है—यह दोस्ती जरूरत की है या रणनीति की
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