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साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें ओटीपी और लिंक का बड़ा खेल शामिल है। थोड़ी सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है। साइबर क्राइम सेल में ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं।
ओटीपी देने से पहले जांचें
जब आप ऑनलाइन सामान मंगवाते हैं, तो डिलीवरी बॉय अक्सर आपसे ओटीपी मांगता है। यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन गड़बड़ी तब होती है जब आप बिना यह जाने ओटीपी दे देते हैं कि यह कहां से आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुनिश्चित करें कि ओटीपी सही स्रोत से ही आया हो।
पैकेट के रैपर को नष्ट करें
अक्सर लोग ऑनलाइन सामान के पैकेट खोलने के बाद उसके रैपर सड़क पर फेंक देते हैं। यह गलत है क्योंकि इन रैपर पर आपका मोबाइल नंबर होता है, जिसे साइबर ठग इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे रैपर को पूरी तरह नष्ट करना चाहिए।
साइबर ठगी के नए तरीके
- डिजिटल अरेस्ट: ठग खुद को पुलिस या कस्टम अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं और पैसे ऐंठते हैं।
- फिशिंग स्कैम: ठग फर्जी केवाईसी लिंक भेजते हैं और अकाउंट बंद करने की धमकी देते हैं।
- फर्जी मैसेज: ठग पैसे जमा होने का झूठा मैसेज भेजते हैं और फिर इमरजेंसी बताकर पैसे मांगते हैं।
- फर्जी नौकरी या लोन: सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर फर्जी लोन और नौकरियों के मैसेज भेजकर ठगी की जाती है।
सावधानी कैसे बरतें
- किसी अनजान लिंक को न खोलें।
- फर्जी मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें।
- अगर ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
- बैंक और पुलिस को तुरंत सूचित करें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल
एआई का इस्तेमाल भी साइबर अपराधों में हो रहा है। डेटा चोरी, फोटो और कपड़े बदलने जैसे कामों में इसका दुरुपयोग बढ़ा है, जिससे बड़ी कंपनियों को भी नुकसान हो रहा है।
व्यापारियों ने की जागरूकता अभियान की सराहना
राजस्थान पत्रिका के साइबर ठगी पर जागरूकता अभियान को व्यापारियों ने सराहा। उनका कहना है कि इससे लोगों को साइबर अपराध और बचाव के उपायों की जानकारी मिलती है।
चर्चा में भाग लेने वाले व्यापारी
अनिल चौधरी, अशोक चौधरी, प्रशांत सिंधवी, नवरत्न मल संचेती, पंकज चोरडिया, कमलेश कोठारी, कैलाश सोनी, प्रदीप सुराणा और सुनील तलेसरा ने साइबर सुरक्षा के उपाय साझा किए।
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