गाजा/रफह: गाजा पट्टी में भोजन और मदद की उम्मीद लेकर निकले दर्जनों लोगों को ज़िंदगी की जगह मौत मिल गई। रफह में हुए इजरायली हवाई हमले में कम से कम 30 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 175 अन्य घायल हुए हैं। घटना उस समय हुई जब ये लोग एक सहायता वितरण केंद्र की ओर जा रहे थे।
मदद के बदले मिला मलबा
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ये लोग एक ऐसे केंद्र की ओर बढ़ रहे थे, जिसे इजरायल और अमेरिका द्वारा समर्थित एक व्यवस्था के तहत खाद्य और राहत सामग्री वितरित करने के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन सहायता केंद्र तक पहुंचने से पहले ही हवाई हमला हो गया। राहत की उम्मीद लिए निकले इन लोगों को रेडक्रॉस द्वारा संचालित अस्पताल में मृत या घायल अवस्था में लाया गया।
एपी (Associated Press) के एक पत्रकार ने अस्पताल में इलाज करा रहे कई घायलों की पुष्टि की है। घायलों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी शामिल है, जिससे घटना की मानवीय त्रासदी और भी गहरी हो गई है।
विवादों में फंसा सहायता तंत्र
गाजा में चल रहे इस सहायता वितरण प्रणाली पर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे। संयुक्त राष्ट्र और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई थी कि यह तंत्र हामास को सहायता से वंचित रखने के इरादे से तैयार किया गया है, जो मानवीय सिद्धांतों के विरुद्ध है। अब इस हमले के बाद यह विवाद और भी गहराता जा रहा है।
5 दिन पहले भी हुई थी ऐसी त्रासदी
यह पहली बार नहीं है जब सहायता के इंतजार में लोगों को जान गंवानी पड़ी हो। 27 मई को टेल अल-सुलतान क्षेत्र में भी गोलीबारी की एक घटना हुई थी, जिसमें 10 लोग मारे गए और 62 घायल हुए थे। वह हमला भी उसी सहायता केंद्र के निकट हुआ था, जिसे गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जा रहा था।
भूख के साए में जीवन
गाजा में मौजूदा हालात बेहद संकटपूर्ण हैं। भूख और कुपोषण का स्तर बढ़ रहा है और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं पहुंचाई गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यह हालिया हमला इस क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा, राहत प्रयासों की निष्पक्षता और युद्ध के मानवीय पहलुओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
CHANNEL009 Connects India
