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भोपाल:
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जल्द ही राज्य की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू होने जा रही है। इस यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि छात्रों को क्लास अटेंड करने के लिए यूनिवर्सिटी आने की जरूरत नहीं होगी। वे घर बैठे देश के किसी भी कोने से पढ़ाई कर सकेंगे।
📚 पढ़ाई का नया तरीका
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छात्र ऑनलाइन क्लासेस अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी ले सकेंगे।
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अगर बीच में पढ़ाई छोड़नी भी पड़े तो साल बर्बाद नहीं होगा।
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इसमें मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा होगी यानी जब चाहें पढ़ाई शुरू या बंद कर सकेंगे।
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छात्र दूसरे विश्वविद्यालयों के ऑनलाइन कोर्स से भी क्रेडिट ले सकेंगे।
⏳ कोर्स की समयसीमा लचीली
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अगर कोई छात्र 4 साल का कोर्स जल्दी पूरा करना चाहे, तो उसे इसकी अनुमति होगी।
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जरूरत पड़ने पर छात्र 5 साल में भी 4 साल का कोर्स पूरा कर सकता है।
🎥 पढ़ाई होगी वर्चुअल क्लास के जरिए
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यूनिवर्सिटी ऑनलाइन लर्निंग और ओपन डिस्टेंस मोड में चलेगी।
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यहां फिजिकल क्लासेस नहीं, बल्कि वर्चुअल यानी ऑनलाइन क्लासेस होंगी।
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इसमें रोजगार परक पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे।
🚀 रहेंगे एडवांस और टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स
डिजिटल यूनिवर्सिटी में छात्रों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़ी पढ़ाई का मौका मिलेगा। कुछ प्रमुख कोर्स होंगे:
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI)
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मशीन लर्निंग
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इंटरनेट ऑफ थिंग्स
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ब्लॉकचेन
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डेटा एनालिटिक्स
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रोबोटिक्स
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बायो-कम्प्यूटिंग
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कंप्यूटर साइंस, आईटी, फाइनेंस व एकाउंटिंग आदि।
🏢 कहां बनेगी यूनिवर्सिटी?
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इस यूनिवर्सिटी को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के परिसर में बनाया जाएगा।
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पहले यह श्यामला हिल्स में प्रस्तावित थी, लेकिन अब RGPV में ही निर्माण होगा।
💰 100 करोड़ होगी लागत
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उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के अनुसार यूनिवर्सिटी बनाने में लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
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यूनिवर्सिटी का कानूनी ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेजा जा चुका है।
निष्कर्ष:
यह डिजिटल यूनिवर्सिटी पढ़ाई के पारंपरिक तरीकों को बदलते हुए एक नई शुरुआत करेगी। इससे उन छात्रों को बहुत फायदा मिलेगा जो रोजाना यूनिवर्सिटी नहीं आ सकते या जॉब के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं।
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