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पतोरा की महिला सरपंच अंजिता साहू को बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने एफएसटीपी (फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) के हिसाब-किताब में गड़बड़ी करने और जर्जर स्कूल की सामग्रियों का स्टॉक पंजी न बनाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा, नीलामी नहीं कराने के कारण भी उन पर कार्रवाई की गई है।
पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत पाटन एसडीएम लवकेश ध्रुव ने यह फैसला लिया। अंजिता साहू को छह साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य भी घोषित किया गया है।
अंजिता साहू को उनकी कार्यशैली के लिए राष्ट्रपति से कई सम्मान मिल चुके थे, लेकिन अब उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच
पतोरा के 50 से ज्यादा ग्रामीणों ने जुलाई 2024 में सरपंच के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप था कि एफएसटीपी के आय-व्यय का सही रिकॉर्ड नहीं रखा गया और जर्जर स्कूल की सामग्रियों का सही हिसाब नहीं दिया गया। इसके बाद जिला पंचायत के अधिकारियों ने जांच शुरू की।
जांच में पाया गया कि एफएसटीपी के आय-व्यय का रिकॉर्ड सही नहीं था और पंचायत सचिव को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इसके अलावा, स्कूल की डिस्मेंटलिंग में भी नियमों का पालन नहीं किया गया।
सुनवाई में अंजिता साहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि ये शिकायत राजनीति द्वेष के कारण की गई थी।
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