मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों की रफ्तार एक बार फिर थम गई है। मंगलवार सुबह हार्बर और ट्रांस हार्बर लाइनों पर तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नेरूल के पास सिग्नल फेल, सेवाएं प्रभावित
सुबह करीब 8 बजे नेरूल स्टेशन के पास सिग्नल प्रणाली में आई तकनीकी खराबी ने पूरी हार्बर लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित किया। यह वह समय था जब ऑफिस जाने वाले लोग स्टेशन पर मौजूद थे। ट्रेनें रुकने से स्टेशनों पर भीड़ जमा हो गई और कई लोग वैकल्पिक परिवहन साधनों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे।
विशेष सेवाएं भी नहीं बनी राहत
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए रेलवे ने वाशी से कुछ विशेष लोकल सेवाएं शुरू कीं, लेकिन पीक आवर्स में यात्रियों की भीड़ के सामने यह प्रयास अपर्याप्त साबित हुए। लोग लंबे इंतजार और धक्का-मुक्की के बीच परेशान होते नजर आए।
कामकाजी लोगों की दिनचर्या पर असर
सिग्नल फेल होने की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई जो ऑफिस, स्कूल या अन्य जरूरी काम के लिए यात्रा कर रहे थे। समय पर कार्यस्थल पर न पहुंच पाने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि तकनीकी समस्याओं को बार-बार नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हर दिन 25 लाख से अधिक यात्रियों का सफर
हार्बर और ट्रांस हार्बर लाइनों पर प्रतिदिन लगभग 25 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। हार्बर लाइन पनवेल से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) तक जाती है, जबकि ट्रांस हार्बर लाइन पनवेल से ठाणे के बीच चलती है। ये दोनों लाइनें नई मुंबई, दक्षिण मुंबई और ठाणे को आपस में जोड़ती हैं।
यात्रियों की मांग—व्यवस्था में सुधार हो
लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों और सेवाओं में रुकावटों से नाराज यात्रियों ने रेलवे से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो मुंबई की लोकल “लाइफलाइन” के बजाय एक “दैनिक संघर्ष” बनती जा रही है।
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