शहर में 1950 तीन पहिया वाहन चल रहे हैं, जिनमें 650 ऑटो और 1300 ई-रिक्शा शामिल हैं। यातायात पुलिस ने अब तक 1100 वाहनों की नंबरिंग पूरी कर ली है। यह नंबरिंग उन्हीं वाहनों की की गई, जिनके दस्तावेज पूरे थे। बाकी 850 वाहनों की नंबरिंग अभी जारी है।
शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए नंबरिंग जरूरी
शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस ने 400 ऑटो और 700 ई-रिक्शा की नंबरिंग की है। जिन वाहनों की नंबरिंग नहीं हुई है, उनकी पहचान में परेशानी होती है, खासकर दुर्घटना की स्थिति में।
अब तक 9 रूट तय किए गए
यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने 9 रूट तय किए हैं। ई-रिक्शा और ऑटो को इन्हीं रूटों पर चलना होगा। 4 प्रमुख पार्किंग स्थल भी तय किए गए हैं।
रूट निर्धारण में दिक्कतें
हालांकि, शेष 850 वाहनों के रूट अभी तय नहीं हुए हैं। पार्किंग स्थल की कमी के कारण प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही पार्किंग स्थल तय होंगे, वाहनों के रूट भी निर्धारित किए जाएंगे।
शहर में कहां ज्यादा जाम लगता है?
कुछ खास जगहों पर जाम की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है:
- छतरसाल चौराहा से पुराना बिजावर नाका
- महल रोड
- पुराना पन्ना नाका
- पत्रकार चौराहा
विशेष रूप से साप्ताहिक हाट बाजार के दिन इन इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है।
नगरपालिका और पुलिस मिलकर सुधार करेंगे
यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी बस स्टैंड से अलग-अलग जगहों के लिए रूट तय करने की योजना बनाई गई है। नगर पालिका से सहयोग की अपील की गई है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और जाम की समस्या कम हो।
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