कीव/मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। रूस ने यूक्रेन पर एक और बड़ा जमीनी हमला शुरू करने के संकेत दिए हैं। ‘द मास्को टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने यूक्रेन की सीमा के दूसरी ओर 50,000 से अधिक सैनिकों की भारी तैनाती कर दी है। इसके साथ ही रूसी सेना ने पूर्वोत्तर यूक्रेन के कई गांवों पर कब्जे का भी दावा किया है।
🪖 सैनिकों की भारी तैनाती और सुमी से पलायन
यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में रूस की बढ़ती सक्रियता के बीच यूक्रेनी प्रशासन ने शनिवार को वहां के 11 गांवों को खाली करने का आदेश जारी किया है। बताया गया है कि ये इलाके लगातार रूसी हमलों की चपेट में हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
अब तक 213 से अधिक बस्तियों को खाली कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि संभावित बड़े रूसी हमले से पहले लोगों की जान बचाई जा सके।
🔥 रूस की सैन्य रणनीति में बदलाव
अब तक रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध मुख्यतः ड्रोन और मिसाइल हमलों पर केंद्रित रहा है। मगर इस बार रूस की रणनीति में बदलाव देखा जा रहा है। सीमा पार सैनिकों की तैनाती से साफ है कि मॉस्को अब जमीनी स्तर पर निर्णायक बढ़त हासिल करने की कोशिश में है।
यूक्रेन के सीमा रक्षक प्रवक्ता एंड्री डेमचेंको ने हाल में चेतावनी दी थी कि रूस सुमी क्षेत्र पर बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है।
🤝 वार्ता के बीच सैन्य कार्रवाई, क्या है पुतिन की मंशा?
रूस ने यह आक्रामक रुख ऐसे वक्त अपनाया है जब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं बन रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगली बातचीत 2 जून को इस्तांबुल में प्रस्तावित है, जिसमें रूस अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर चुका है।
हालांकि यूक्रेन ने अब तक इस बैठक को औपचारिक स्वीकृति नहीं दी है और उसकी मांग है कि क्रेमलिन पहले अपनी शांति शर्तों को स्पष्ट करे। युद्ध विश्लेषकों का मानना है कि रूस का यह हमला एक “प्रेशर टैक्टिक” हो सकता है, जिससे वह वार्ता की मेज पर अपनी शर्तों को प्रभावी ढंग से रख सके।
⚠️ ज़ेलेंस्की का पलटवार
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूसी हमलों को लेकर राष्ट्रपति पुतिन पर कड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मॉस्को शांति की संभावनाओं को जानबूझकर नुकसान पहुंचा रहा है और वार्ता से पहले अपनी मंशा स्पष्ट नहीं कर रहा।
📅 संघर्ष की पृष्ठभूमि
रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत फरवरी 2022 में हुई थी, जब रूस ने पहली बार यूक्रेनी सीमाओं का उल्लंघन करते हुए हमला बोला था। अब तक इस युद्ध में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और यूक्रेन के कई इलाके पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। क्रीमिया समेत रूस ने पांच यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा जमा लिया है।
📌 निष्कर्ष
रूस की नई तैनाती और यूक्रेन में गांवों का खाली कराना इस बात की पुष्टि करता है कि जमीनी युद्ध एक बार फिर भड़कने वाला है। ऐसे समय जब शांति वार्ता की उम्मीद की जा रही थी, मॉस्को की सैन्य चालें एक बड़ी चुनौती पेश कर रही हैं।
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