रूसी हमलों की आग में झुलसते कीव में 23 जून को एक और भयावह रात आई, जब रूस ने एक साथ मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 9 नागरिकों की मौत हो गई और 33 घायल हुए। मृतकों में एक 11 साल की बच्ची भी शामिल है। यह हमला उस वक्त हुआ जब रूस ने अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को “अकारण आक्रमण” बताया था — जबकि उसी दिन उसने यूक्रेन की राजधानी पर सैकड़ों घातक हथियार बरसाए।
🔴 कीव पर ताबड़तोड़ हमला: 368 हथियारों का इस्तेमाल
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रूस ने कीव पर 368 हवाई हथियार छोड़े — इनमें 352 Shahed ड्रोन और 16 मिसाइलें शामिल थीं।
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यूक्रेन की वायु रक्षा ने इनमें से 354 को नष्ट किया, लेकिन कई निशानों पर विस्फोट हुए।
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Shevchenkivskyi जिले में एक पांच मंजिला इमारत पर मिसाइल गिरने से भारी नुकसान हुआ।
🔁 यूक्रेन का जवाब: रूस के तेल डिपो पर हमला
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यूक्रेनी सेनाओं ने रूस के Rostov Oblast में स्थित Atlas तेल डिपो पर हमला कर आग लगा दी।
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यह ठिकाना रूसी सेनाओं को ईंधन और लुब्रिकेंट की सप्लाई करता था।
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Rostov क्षेत्र रूस के लिए युद्ध के संचालन में अहम लॉजिस्टिक हब है।
☢️ 400 किलो यूरेनियम गायब, अमेरिका को परमाणु खतरे की चिंता
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बम गिराए जाने के बाद 400 किलोग्राम यूरेनियम लापता है।
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यह मात्रा 10 परमाणु बमों के लिए पर्याप्त मानी जाती है।
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अमेरिका को अंदेशा है कि ईरान ने इसे हमले से पहले गुप्त स्थान पर शिफ्ट कर दिया।
💸 नॉर्वे का 400 मिलियन डॉलर का निवेश: यूक्रेनी डिफेंस में नया मोर्चा
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नॉर्वे की रक्षा कंपनी Kongsberg अब यूक्रेन में एयर डिफेंस और ड्रोन के संयुक्त उत्पादन के लिए ऑफिस खोल चुकी है।
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NASAMS मिसाइलों का उत्पादन भी यूक्रेन में किया जाएगा, जिनका इस्तेमाल रूस के ड्रोन और मिसाइलों से रक्षा में हो रहा है।
⚖️ रूस की दोहरी नीति: ईरान पर हमले की निंदा, खुद कीव पर मिसाइलें
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के ईरान पर हमलों को “अकारण आक्रामकता” बताया, लेकिन उसी दिन कीव पर खुद हमला कर दिया।
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राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रूस की पाखंडी नीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी — “जो देश ईरान पर हमले की आलोचना कर रहा है, वही हमारे शहरों को निशाना बना रहा है।”
🧬 शवों की अदला-बदली में भी धोखाधड़ी
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यूक्रेन ने खुलासा किया कि रूस ने हाल में मृत रूसी सैनिकों के शव यूक्रेनी बताकर लौटाए। कम से कम 20 बार ऐसा हुआ है।
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इन शवों की पहचान में देरी और गड़बड़ी से रूसी युद्ध हताहतों की सही संख्या छिपाने की कोशिश मानी जा रही है।
निष्कर्ष: युद्ध की आग में शांति के बयान, और कूटनीति के नाम पर भ्रम
रूस की ओर से ईरान पर हमले को “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताना, और उसी वक्त यूक्रेन की राजधानी पर हमला करना यह दिखाता है कि आक्रामक कूटनीति और सैन्य हमलों का दोहरा खेल जारी है। यूक्रेन अब न केवल सैन्य जवाब दे रहा है, बल्कि अपनी औद्योगिक रक्षा ताकत भी बढ़ा रहा है – जिससे यह टकराव आने वाले महीनों में और गंभीर रूप ले सकता है।
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