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बिजनौर जिले में रमजान के पवित्र महीने के चौथे जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। जिले की कई मस्जिदों में हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे और देश में अमन-शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ मांगी। नमाज के दौरान लोगों में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।
जुमे की नमाज का खास महत्व
इस्लाम में जुमे की नमाज का विशेष महत्व होता है और रमजान के महीने में इसका महत्व और बढ़ जाता है। यह रमजान का चौथा जुमा था, इसलिए लोगों में इसे लेकर खास धार्मिक भावना देखने को मिली। धार्मिक जानकारों के अनुसार अगर रमजान में 29 रोजे होते हैं तो यही चौथा जुमा अलविदा जुमा कहलाता है, जबकि 30 रोजे होने पर अगला जुमा अलविदा जुमा माना जाएगा।
प्रमुख मस्जिदों में जुटे बड़ी संख्या में नमाजी
दोपहर करीब 12:45 बजे से 2:30 बजे तक जिले की सैकड़ों मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। बिजनौर शहर की प्रमुख मस्जिदों जैसे मदनी मस्जिद, अक्सा मस्जिद, मरकज वाली मस्जिद, इमली वाली मस्जिद, चाहशीरी वाली मस्जिद, स्टेशन वाली मस्जिद, मिरदगान वाली जामा मस्जिद और कचहरी-कलेक्ट्रेट वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। नमाज से पहले मस्जिदों में साफ-सफाई और जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
नमाज के बाद बाजारों में बढ़ी रौनक
नमाज के बाद लोग बाजारों की ओर निकल पड़े। रमजान के महीने में इफ्तार की तैयारी के लिए लोग फल, दूध, दही, चाट-पकौड़ी और अन्य खाने-पीने की चीजें खरीदते नजर आए। बाजारों में काफी भीड़ और चहल-पहल देखने को मिली।
इमामों ने दी अच्छी बातें अपनाने की सलाह
जुमे की नमाज के दौरान कई मस्जिदों में इमामों ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने रमजान की अहमियत बताते हुए ज्यादा इबादत करने, गुनाहों से तौबा करने और सही रास्ते पर चलने की सलाह दी। साथ ही लोगों को जकात और फितरा देने तथा जरूरतमंदों की मदद करने पर भी जोर दिया, ताकि समाज में भाईचारा और समानता बनी रहे।
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