Related Articles
जयपुर:
राजस्थान पुलिस के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मौजूदा DGP यू.आर. साहू ने इस्तीफा दे दिया है। उन्हें राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके बाद सरकार ने फिलहाल एसीबी के DG डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा को DGP का अस्थायी चार्ज सौंपा है।
राजीव शर्मा का नाम सबसे आगे
नए DGP के तौर पर राजीव शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा है। वे इस समय केंद्र सरकार में पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPRD) के महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। शर्मा की वरिष्ठता, अच्छी छवि और सरकार से करीबी को देखते हुए उन्हें सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
और कौन-कौन है रेस में?
राजीव शर्मा के अलावा संजय अग्रवाल, राजेश निर्वाण और गोविंद गुप्ता भी इस पद की दौड़ में हैं।
वर्तमान में कार्यवाहक DGP रवि प्रकाश मेहरड़ा जून में रिटायर हो रहे हैं।
DGP कैसे चुना जाता है?
-
राज्य सरकार केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग को 10 योग्य DGP रैंक के अफसरों का पैनल भेजती है।
-
पैनल उन्हीं अफसरों का होता है जिन्हें 30 साल से ज्यादा का अनुभव हो और जो इच्छुक हों।
-
फिर UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) इन नामों में से 3 अधिकारियों का चयन करती है।
-
इन तीन में से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक को DGP नियुक्त करते हैं।
राजीव शर्मा को क्यों मिल सकता है मौका?
-
शर्मा मार्च 2027 तक सेवा में रहेंगे, यानी उन्हें पूरा दो साल का कार्यकाल मिलेगा।
-
उन्होंने CBI, ACB, IG रेंज, और कई जिलों में SP जैसे अहम पदों पर काम किया है।
-
मूल रूप से मथुरा (UP) के रहने वाले शर्मा ने राजस्थान के कई जिलों में पुलिस सेवा दी है।
-
उनकी छवि साफ-सुथरी और अनुभव बहुत ज्यादा है।
आगे क्या?
अगर राजीव शर्मा DGP बनते हैं तो वे जुलाई 2027 तक इस पद पर रह सकते हैं। उनके बाद संजय अग्रवाल जैसे अफसरों को मौका मिल सकता है, जो अभी इंटेलिजेंस विभाग के प्रमुख हैं।
निष्कर्ष:
राजस्थान में जल्द ही नया DGP नियुक्त होगा। फिलहाल राजीव शर्मा सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उनकी वरिष्ठता और कार्य अनुभव को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि राज्य की पुलिस कमान जल्द ही उनके हाथ में होगी।
CHANNEL009 Connects India
