Breaking News

राजस्थान के अभयारण्यों का नक्शा बदलने की कोशिश, जानिए पूरा मामला

जयपुर। राजस्थान के दो प्रमुख अभयारण्यों सरिस्का (अलवर) और नाहरगढ़ (जयपुर) के नक्शे में बदलाव की कोशिशें हो रही हैं। बताया जा रहा है कि इस बदलाव से होटल मालिकों और माइंस संचालकों को फायदा मिलेगा।

सरिस्का टाइगर रिजर्व का दायरा बढ़ाने की योजना

सरिस्का टाइगर रिजर्व का 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि इसका असली मकसद टहला इलाके में बंद पड़ी माइंस और होटलों को फिर से शुरू कराने का रास्ता निकालना है।

  • सरिस्का टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल: 1213 वर्ग किमी
  • सीटीएच (कोर टाइगर हैबिटेट) का क्षेत्रफल: 881 वर्ग किमी
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार: सीटीएच क्षेत्र कम नहीं किया जा सकता, लेकिन 6 हजार हेक्टेयर बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

खनन बंद होने से उद्योगों को नुकसान

सरिस्का के सीटीएच क्षेत्र में आने वाली 92 खदानें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मई 2024 में बंद कर दी गईं

  • ये खदानें बलदेवगढ़, दुंदपुरी, खोह, तिलवाड़, पालपुर, अजबगढ़, कलसीकलां में थीं।
  • इस कारण 500 से अधिक खनन और मिनरल्स उद्योग प्रभावित हुए
  • इन उद्योगों की जमीन की रीसेल वैल्यू भी 13 हजार से घटकर 9 से 9,500 रुपए प्रति वर्गमीटर रह गई

नाहरगढ़ अभयारण्य की सीमा बदलने की कोशिश

नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य का 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होटलों को फायदा पहुंचाने के लिए बदला जा सकता है।

  • पहली अधिसूचना: सितंबर 1980 में जारी हुई, जिसमें अभयारण्य की सीमा तय की गई।
  • दूसरी अधिसूचना: मार्च 2019 में आई, जिसमें इको सेंसिटिव ज़ोन निर्धारित किया गया।
  • अधिकारियों का कहना है कि दोनों अधिसूचनाओं में अंतर के कारण नक्शे में संशोधन किया जा रहा है

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और सरकारी रवैया

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि अभयारण्यों और संरक्षित क्षेत्रों में किसी को फायदा देने के लिए छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए

  • इसके बावजूद सरिस्का और नाहरगढ़ में होटल और खनन गतिविधियां जारी हैं।
  • सरकार ने नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई

होटल और रिसॉर्ट्स जो इन बदलावों से प्रभावित होंगे

सिलीसेढ़ झील क्षेत्र (सरिस्का के पास) के होटल

  1. रतन विलास सरिस्का रिसॉर्ट (ताज ग्रुप)
  2. मेधावन रिसॉर्ट
  3. नमन बाग देसी ठाठ
  4. द जंगल लेप
  5. राजस्थान होटल एंड रेस्टोरेंट
  6. रामबिहारी पैलेस होटल
  7. बाबा होटल
  8. सासू की ढाणी
  9. गुप्ता झील रेस्टोरेंट
  10. आरटीडीसी होटल
  11. नीलकमल झील रेस्टोरेंट

अजबगढ़-जमवारामगढ़ रेंज के होटल

  1. अमन बाग रिसॉर्ट
  2. होटल राज रिसॉर्ट
  3. सूर्य बाग रिसॉर्ट
  4. द रॉयल कल्याण पैलेस भानगढ़
  5. चौखीबाड़ी रिसॉर्ट
  6. सफारी रेस्टोरेंट भानगढ़
  7. लाल बाग पैलेस
  8. भानगढ़ ड्रीमर्स वाटर पार्क
  9. होटल वाशु भानगढ़
  10. भानगढ़ फूड प्लाजा

टहला (सीटीएच क्षेत्र से 1 किमी के अंदर)

  1. अस्त्रोपोर्ट सरिस्का होटल
  2. वन छवि रिसॉर्ट
  3. वंशवन लग्जरी एडवेंचर सॉल्यूशंस प्रा. लि.
  4. जंगल कैंप
  5. कस्बा अविलेज रिसॉर्ट
  6. गुलदार सरिस्का वन्यश्री हॉस्पिटैलिटी
  7. होटल नीलकंठ प्राइम रिट्रीट
  8. उत्सव कैंप
  9. होटल कुत्यानी बाग सरिस्का
  10. होटल चैलेट
  11. ग्रीन वैली सरिस्का
  12. होटल लिटिल अफेयर
  13. अलमपट नेस्ट
  14. सरिस्का होटल मैनोर
  15. दा वनश्व
  16. वनाश्रय
  17. दा बीहड़ सरिस्का
  18. मातोश्री ग्रीन स्टे

क्या कह रहे हैं अधिकारी?

सरिस्का के क्षेत्र निदेशक संग्राम सिंह का कहना है कि सीटीएच क्षेत्र कम नहीं किया जाएगा, बल्कि जंगल के उस हिस्से को शामिल किया जाएगा, जहां बाघ निवास कर सकते हैं

निष्कर्ष

सरकार की यह योजना पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के भविष्य के लिए खतरा बन सकती है। अगर नक्शे में बदलाव कर होटलों और माइंस संचालकों को फायदा पहुंचाने की कोशिश होती है, तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन होगा। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है

About admin

Check Also

पटना हाई कोर्ट का बड़ा कदम: विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार सहित 42 विधायकों को नोटिस

पटना हाई कोर्ट ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को नोटिस जारी …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?