जयपुर: राजस्थान में एक बार फिर आईपीएस पंकज चौधरी चर्चा में हैं। उन्होंने ADG रैंक के अधिकारी संजीव नार्जरी के खिलाफ केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में शिकायत दर्ज करवाई है। साथ ही इस मामले में उन्होंने राज्य की मुख्य सचिव उषा शर्मा (पूर्व में सुंधाश पंत का जिक्र) को भी शामिल किया है।
क्या है मामला?
पंकज चौधरी का आरोप है कि संजीव नार्जरी ने उनके वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (APR) में जानबूझकर कम ग्रेडिंग दी।
उन्होंने कहा कि 2022-23 और 2024-25 में उन्हें 9 से ज्यादा अंक मिले, लेकिन 2023-24 में, जब उन्होंने कई जिलों का दौरा किया और कई पुरस्कार भी जीते, तब भी सिर्फ 7 अंक दिए गए।
चौधरी ने आरोप लगाया कि नार्जरी ने व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण ग्रेडिंग कम की और APR के कई कॉलम भी खाली छोड़ दिए, जो नियमों के खिलाफ है।
पंकज चौधरी कौन हैं?
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2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
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कोटा, अजमेर, बांसवाड़ा, जैसलमेर, जयपुर सहित कई जिलों में सेवाएं दे चुके हैं।
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2019 में दो शादियों के कारण नौकरी से बर्खास्त कर दिए गए थे।
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2020 में CAT ने बहाली का आदेश दिया था।
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2019 लोकसभा चुनाव में बाड़मेर-जैसलमेर से चुनाव लड़ना चाहा, लेकिन नामांकन खारिज हो गया। उनकी पत्नी मुकुल चौधरी ने जोधपुर से चुनाव लड़ा था।
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2024 में ‘डूइंग गुड फॉर भारत अवॉर्ड’ राजस्थान पुलिस को दिलाया।
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साल 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
क्या मांग है?
पंकज चौधरी की मांग है कि उनकी APR में दिए गए कम अंक और अनदेखी की जांच हो। उनका कहना है कि कामकाज का प्रमाण होने के बावजूद जानबूझकर ग्रेडिंग घटाई गई, जो अन्यायपूर्ण है।
अब देखना होगा कि CAT इस मामले में क्या फैसला सुनाता है और क्या चौधरी को न्याय मिलेगा या नहीं।
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