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राजस्थान सरकार अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त हो गई है। सरकार ने नई ऑनलाइन चालान व्यवस्था शुरू की है, ताकि कोई भी रसूखदार व्यक्ति चालान से बच न सके। अब हर वाहन चालक को नियम तोड़ने पर ऑनलाइन चालान मिलेगा और चालान की सूचना मोबाइल पर मैसेज के रूप में भेजी जाएगी।
क्या है नई व्यवस्था?
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अब सभी चालान ऑनलाइन होंगे।
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पहले कई चालान ऑफलाइन बनाए जाते थे, लेकिन अब उन्हें भी उसी दिन ऑनलाइन करना जरूरी होगा।
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चालान की जानकारी सीधे सेंट्रल ई-चालान सिस्टम में दर्ज होगी।
क्यों जरूरी पड़ी यह व्यवस्था?
केंद्र सरकार ने राज्य पुलिस द्वारा किए गए ऑफलाइन चालानों की रिपोर्टिंग न होने पर नाराज़गी जताई थी। इसलिए जयपुर के यातायात एएसपी सुरेन्द्र सिंह ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि सभी चालान अब केवल ऑनलाइन या फिर मैनुअल अपलोड कर सिस्टम में दर्ज किए जाएं। इससे सही आंकड़े मिल पाएंगे।
नई व्यवस्था से क्या होंगे फायदे?
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रसूख दिखाकर चालान से बचना संभव नहीं होगा।
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चालान जरूर भरना पड़ेगा, नहीं तो वह पेंडिंग रहेगा।
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सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा।
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फर्जी चालान और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
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वाहन चालक चालान ऑनलाइन, ई-मित्र, बैंक या कोर्ट से जमा कर सकेंगे।
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लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी।
चालान नहीं भरने पर होगी कार्रवाई
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चालान बनने के 3 दिन के अंदर नोटिस भेजा जाएगा।
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चालान बनने के 30 दिन के भीतर भुगतान या आपत्ति दर्ज करनी होगी।
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अगर 90 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो लाइसेंस या वाहन का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हो सकता है।
चालान अपडेट करने के लिए दो कर्मचारी तैनात
बीकानेर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, अब 90% चालान ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। जो चालान ऑफलाइन बनते हैं, उन्हें भी उसी दिन सिस्टम में अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
नरेश निर्वाण, ट्रैफिक प्रभारी ने कहा कि ये ऑनलाइन चालान व्यवस्था नियमों का पालन करवाने में बेहद कारगर साबित हो रही है।
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