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राजस्थान में बोर्ड परीक्षा के दौरान विवाद, दो महिला लेक्चरर सस्पेंड, पूरा स्टाफ बदला

सीकर जिले के भढ़ाढ़र गांव के एक सरकारी स्कूल में बोर्ड परीक्षा के दौरान दो महिला शिक्षिकाओं के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षिकाओं को सस्पेंड कर दिया और परीक्षा केंद्र का पूरा स्टाफ बदल दिया।

क्या है पूरा मामला?

14 फरवरी को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भढ़ाढ़र में बोर्ड परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान भूगोल की व्याख्याता बबीता और राजनीति विज्ञान की व्याख्याता सुमन के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो में नकल को लेकर दोनों के बीच बहस दिखाई दे रही है। एक पक्ष नकल का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा उसे चुप कराने की कोशिश कर रहा है। एक शिक्षिका गुस्से में यह कहते हुए भी सुनी गई कि “मैं खुद नकल करवाऊंगी, जिसे रोकना है रोक ले।”

हालांकि शुरुआती जांच में विभाग ने पाया कि यह वीडियो परीक्षा के दौरान का नहीं बल्कि दोपहर करीब 1:30 बजे का है।

विभाग की सख्त कार्रवाई

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने दोनों शिक्षिकाओं को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय बीकानेर निदेशालय रखा गया है और उन्हें नियम अनुसार आधा वेतन (निर्वाह भत्ता) मिलेगा। साथ ही तीन दिन में आरोप-पत्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

पूरा परीक्षा स्टाफ बदला

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिर्फ सस्पेंशन ही नहीं किया गया, बल्कि पूरे परीक्षा केंद्र का स्टाफ बदल दिया गया। केंद्राधीक्षक, अतिरिक्त केंद्राधीक्षक और सभी वीक्षकों को हटाकर नया स्टाफ लगाया गया है ताकि परीक्षा की पारदर्शिता बनी रहे।

प्रिंसिपल की छुट्टी रद्द

स्कूल की प्रधानाचार्य प्रमोद कुमारी महला परीक्षा के दौरान अवकाश पर थीं। उनकी छुट्टी तुरंत रद्द कर उन्हें वापस बुलाया गया और केंद्र अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी भी बनाई गई है।

क्या सच में हुई थी नकल?

एडीईओ (माध्यमिक शिक्षा) विक्रम सिंह शेखावत के अनुसार, प्राथमिक जांच में नकल के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। माना जा रहा है कि यह विवाद स्कूल स्टाफ की आपसी गुटबाजी और पुराने स्थानांतरण विवाद से जुड़ा हो सकता है।

विभाग का साफ संदेश

इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही, अनुशासनहीनता या गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी की नजर जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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