Related Articles
जयपुर। राजस्थान में अब ऐसे मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जा रहा है, जहां 1200 से ज्यादा मतदाता हैं। राज्य में ऐसे 10 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ हैं जिनमें मतदाता संख्या 1200 से अधिक है। अब इन बूथों को छोटे-छोटे केंद्रों में बांटा जाएगा ताकि मतदान में आसानी हो सके।
अब एक बूथ पर 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं
अब तक एक पोलिंग बूथ पर 1500 मतदाता तक हो सकते थे, लेकिन अब इस सीमा को घटाकर 1200 कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने यह फैसला लिया है ताकि मतदान के दिन भीड़ ना हो और लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
52 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ
राज्य में अभी कुल 52,469 मतदान केंद्र हैं। इनमें से करीब 20 से 25 प्रतिशत बूथ ऐसे हैं जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से ज्यादा है। इन्हें अब दो या ज्यादा बूथों में बांटा जाएगा, जिससे पोलिंग बूथ की कुल संख्या बढ़ना तय है।
इन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मतदाता
कुछ विधानसभा क्षेत्रों में औसतन 1200 से ज्यादा मतदाता हैं, जैसे:
-
बीकानेर पूर्व
-
बीकानेर पश्चिम
-
विद्याधर नगर
-
भीलवाड़ा
-
झोटवाड़ा (यहां औसतन 1192 मतदाता)
बीएलओ अब स्थानीय कर्मचारी होंगे
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में स्थानीय सरकारी या निकाय कर्मचारी को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
अगर ऐसे कर्मचारी नहीं मिलते, तो:
-
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
-
संविदा शिक्षक
-
केंद्र सरकार के कर्मचारी
को बीएलओ लगाया जाएगा।
इनके नहीं मिलने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अनुमति से अन्य सरकारी कर्मचारी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
काम की शुरुआत हो चुकी
राज्य के जिलों को निर्देश दे दिए गए हैं और बूथ पुनर्गठन का प्रारंभिक काम शुरू हो चुका है। पहले चरण के बाद यह पता चलेगा कि कितने बूथों को पुनर्गठित करना होगा।
– नवीन महाजन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान ने बताया कि यह प्रक्रिया मतदान को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए की जा रही है।
CHANNEL009 Connects India
