Related Articles
झालावाड़:
राजस्थान के झालावाड़, बारां और कोटा जिलों की लाइफलाइन कही जाने वाली परवन वृहद बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना का काम अभी भी अधूरा है। करीब 7355.23 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का अभी 60% नहरों का काम बाकी है।
📅 कब तक पूरा होगा काम?
-
पहले दावा था कि परियोजना जून 2024 तक पूरी हो जाएगी।
-
अब 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
-
बारिश के बाद दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
🏗️ बांध निर्माण की स्थिति
-
खानपुर तहसील के अकावद कलां में 38 मीटर ऊंचा बांध बनाया जा रहा है।
-
बांध में 490 मिलियन घन मीटर पानी रखने की क्षमता होगी।
-
बांध का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है।
-
इसमें कुल 21 ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनकी खुदाई और कंक्रीट का कार्य लगभग पूरा हो गया है।
🚜 नहरों का काम अभी अधूरा
-
नहरों का 60% काम अभी बाकी है।
-
बायीं मुख्य नहर की खुदाई (51.95 किलोमीटर) पूरी हो चुकी है।
-
12 डिग्गियां खानपुर और 7 डिग्गियां सांगोद क्षेत्र में बननी हैं।
-
पानी पाइपलाइन से डिग्गियों और फिर किसानों के खेतों तक पहुंचेगा।
💧 किसानों को कैसे मिलेगा पानी?
-
सिंचाई के लिए स्काडा (SCADA) प्रेशराइज्ड सिस्टम से पानी खेतों में पहुंचाया जाएगा।
-
प्रथम फेज में:
-
खानपुर के 81 गांव
-
सांगोद के 48 गांव
-
कुल 43159 हैक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ।
-
🌊 नदी और खाल में डाला जाएगा पानी
-
मुख्य नहर से सारोला कलां खाल, खरंड नदी और उजाड़ नदी में पानी डाला जाएगा।
-
इससे 45,000 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई जल मिलेगा।
-
वहीं, दायीं मुख्य नहर 8.75 किलोमीटर लंबी टनल के जरिए बारां जिले में 89.40 किलोमीटर तक जाएगी।
🚑 पेयजल और वन्य जीवों के लिए भी पानी
-
यह परियोजना सिर्फ सिंचाई नहीं, बल्कि पेयजल और वन्यजीवों के लिए पानी की भी सुविधा देगी।
📣 अधिकारियों का क्या कहना है?
“बांध का 90% कार्य पूरा हो चुका है। नहरों का कार्य बारिश के बाद दोबारा शुरू किया जाएगा और **2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।”
— अजीत जैन, अधीक्षण अभियंता, परवन सिंचाई परियोजना, झालावाड़
📌 निष्कर्ष
परवन परियोजना से तीन जिलों के 637 गांवों के लाखों किसान लाभान्वित होंगे, लेकिन काम में हो रही देरी के कारण कई सीजन की सिंचाई का पानी बेकार बह गया। अब उम्मीद है कि 2026 तक यह परियोजना पूरी होकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचा पाएगी।
CHANNEL009 Connects India
