छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 15 वार्डों में 24 घंटे पानी सप्लाई देने की योजना दो साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। अमृत मिशन योजना के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन काम अधूरा है।
क्या है मामला?
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत घनी आबादी वाले 15 वार्डों को 24 घंटे पानी सप्लाई देने के लिए मोतीबाग और गंज मंडी टंकियों से पाइपलाइन बिछाई गई है। लेकिन पाइपलाइन में लीकेज और अन्य तकनीकी खामियों की वजह से अब तक यह योजना पूरी नहीं हो पाई है।
लीकेज और धीमी प्रगति
टेस्टिंग के दौरान मुख्य बाजार क्षेत्रों में पाइपलाइन में लीकेज की समस्या आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद अंडरग्राउंड बिजली केबल डालने से पाइपलाइन डैमेज हुई है। इसे ठीक करने का काम जारी है।
कौन-कौन से इलाके शामिल?
- मोतीबाग टंकी: 9 वार्ड
- गंज मंडी टंकी: 7 वार्ड
शहर के सदरबाजार, कालीबाड़ी, तात्यापारा, ब्राह्मणपारा, फूलचौक और सिविल लाइन जैसे क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं।
अधिकारियों का बयान
स्मार्ट सिटी कंपनी के महाप्रबंधक जनसंपर्क आशीष मिश्रा ने बताया कि पानी मीटर और पाइपलाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। सप्लाई की टेस्टिंग चल रही है और जल्द ही 24 घंटे पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
दावा और हकीकत
पुरानी बस्ती क्षेत्र के लक्ष्मीनारायण वार्ड में सबसे पहले पानी सप्लाई शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन आज तक यहां पानी की सप्लाई सुबह-शाम की सीमित समय पर ही हो रही है।
नतीजा
कई करोड़ की इस योजना का लाभ अब तक शहर के 15 वार्डों को नहीं मिल पाया है। लीकेज और अधूरे काम की वजह से यह योजना जनता को राहत देने में असफल साबित हो रही है।
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