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रुबीना दिलैक बोलीं— मां बनना सिर्फ खुशी नहीं, भावनात्मक बदलावों से भी गुजरती हैं महिलाएं
मुंबई: टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने मां बनने के बाद महिलाओं के जीवन में आने वाले बदलावों पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि मां बनना सिर्फ खुशी का अनुभव नहीं होता, बल्कि इस दौर में महिलाएं कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक बदलावों से भी गुजरती हैं।
रुबीना ने बताया कि डिलीवरी के बाद महिलाओं की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। बच्चे की देखभाल, नींद की कमी, शरीर में बदलाव और नई जिम्मेदारियों के बीच कई बार महिलाएं मानसिक रूप से कमजोर महसूस करने लगती हैं। उन्होंने कहा कि समाज अक्सर मां बनने को केवल खुशी और उत्सव के रूप में देखता है, लेकिन इस सफर की मुश्किलों को समझना भी उतना ही जरूरी है।
रुबीना के मुताबिक, कई महिलाएं बच्चे के जन्म के बाद पोस्टपार्टम डिप्रेशन जैसी गंभीर स्थिति में पहुंच जाती हैं। इस दौरान महिलाएं उदासी, अकेलापन, चिड़चिड़ापन, डर, बेचैनी और भावनात्मक अस्थिरता महसूस कर सकती हैं। कई बार वे अपनी परेशानी खुलकर बता भी नहीं पातीं।
उन्होंने कहा कि मां बनने के बाद महिला से तुरंत “परफेक्ट मां” बनने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। परिवार और पार्टनर को महिला के मन की स्थिति समझनी चाहिए और उसे समय, सहारा और भरोसा देना चाहिए।
रुबीना दिलैक का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कई महिलाओं ने उनकी बात का समर्थन किया और कहा कि मातृत्व के बाद मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात होना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों के अनुसार, अगर डिलीवरी के बाद महिला लंबे समय तक उदासी, रोने की इच्छा, नींद न आना, अत्यधिक डर या बच्चे से जुड़ाव महसूस न करने जैसी स्थिति से गुजर रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में परिवार को तुरंत डॉक्टर या काउंसलर से मदद लेनी चाहिए।
फिलहाल रुबीना की बात ने एक बार फिर यह मुद्दा सामने ला दिया है कि मां बनने के बाद महिलाओं की मानसिक सेहत को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए, जितनी उनके शारीरिक स्वास्थ्य को।
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