‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा सामने लाएगा IIAS, 10 जुलाई को कॉफी-टेबल बुक का विमोचन
channel_009 | Culture News
भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की ऐतिहासिक यात्रा अब एक खास कॉफी-टेबल बुक के जरिए सामने लाई जाएगी। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान यानी IIAS इस पुस्तक को तैयार कर रहा है, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, साहित्यिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका और इससे जुड़े विवादों का भी उल्लेख होगा।
जानकारी के मुताबिक, उपराष्ट्रपति 10 जुलाई को इस कॉफी-टेबल बुक का विमोचन करेंगे। यह पुस्तक सिर्फ एक गीत की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर की भावनाओं, संघर्षों और राष्ट्रीय चेतना को भी सामने लाएगी, जब ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन का नारा बन गया था।
‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। बाद में यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति और एकता का प्रतीक बन गया। क्रांतिकारियों से लेकर आम जनता तक, इस गीत ने लोगों में आजादी की भावना को मजबूत किया।
हालांकि, समय-समय पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद भी सामने आते रहे हैं। कुछ वर्गों ने इसके कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई, जबकि कई लोगों ने इसे राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताया। IIAS की यह पुस्तक इन विवादों और ऐतिहासिक संदर्भों को भी संतुलित तरीके से सामने लाने की कोशिश करेगी।
कॉफी-टेबल बुक में दुर्लभ तस्वीरें, दस्तावेज, ऐतिहासिक संदर्भ और शोध आधारित सामग्री शामिल होने की उम्मीद है। इससे नई पीढ़ी को यह समझने में मदद मिलेगी कि ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्र चेतना का अहम हिस्सा रहा है।
channel_009 निष्कर्ष:
‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा पर बनने वाली यह पुस्तक इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र भावना को एक साथ जोड़ने वाली अहम पहल है। अब सबकी नजर 10 जुलाई को होने वाले विमोचन पर रहेगी।
आपकी राय क्या है — क्या ‘वंदे मातरम्’ की पूरी ऐतिहासिक यात्रा स्कूलों में भी पढ़ाई जानी चाहिए? कमेंट में बताइए।
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