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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दो विमान आमने-सामने आए:टक्कर होते बची, 200 मीटर दूरी रह गई थी; एअर इंडिया फ्लाइट ने लिया था रॉन्ग टर्न

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दो विमान आमने-सामने आए, टक्कर होते-होते बची; 200 मीटर की दूरी रह गई थी

channel_009 | National News

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट पर दो विमान आमने-सामने आ गए थे और दोनों के बीच सिर्फ करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। शुरुआती जानकारी में दावा किया जा रहा है कि एअर इंडिया की एक फ्लाइट ने रॉन्ग टर्न ले लिया था, जिसकी वजह से यह गंभीर स्थिति बनी।

बताया जा रहा है कि घटना के समय एयरपोर्ट पर विमान मूवमेंट जारी था। इसी दौरान एक विमान गलत दिशा में मुड़ गया और सामने से आ रहे दूसरे विमान के करीब पहुंच गया। समय रहते एयर ट्रैफिक कंट्रोल और क्रू की सतर्कता से टक्कर टल गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में विमान की हर मूवमेंट तय निर्देशों और ATC क्लियरेंस के आधार पर होती है। ऐसे में रॉन्ग टर्न जैसी गलती को बेहद गंभीर माना जाता है। अब सवाल उठ रहे हैं कि गलती किस स्तर पर हुई—क्या पायलट ने टैक्सीवे निर्देशों को गलत समझा, क्या ग्राउंड सिग्नलिंग में कोई कमी थी, या फिर संचार में भ्रम पैदा हुआ?

इस घटना के बाद एविएशन सुरक्षा को लेकर जांच की मांग उठ सकती है। आमतौर पर ऐसे मामलों में DGCA या संबंधित एविएशन अथॉरिटी घटना की जांच करती है और यह देखा जाता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं।

यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से यह घटना बेहद चिंताजनक है, क्योंकि रनवे और टैक्सीवे पर छोटी सी गलती भी बड़े हादसे में बदल सकती है। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति संभाल ली गई और किसी तरह की टक्कर नहीं हुई।

channel_009 निष्कर्ष:
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दो विमानों के आमने-सामने आने की घटना ने एयर सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 200 मीटर की दूरी पर टली टक्कर बताती है कि एयरपोर्ट ऑपरेशन में हर सेकेंड और हर निर्देश कितना अहम होता है।

आपकी राय क्या है — एयरपोर्ट पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पायलट ट्रेनिंग ज्यादा सख्त होनी चाहिए या ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम? कमेंट में बताइए।

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