NCERT सिलेबस में 1975-77 इमरजेंसी सेक्शन शामिल, अब कक्षा 9वीं के छात्र पढ़ेंगे आपातकाल का अध्याय
channel_009 | Education News
NCERT के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब कक्षा 9वीं के छात्रों को 1975 से 1977 के बीच लगी इमरजेंसी के बारे में पढ़ाया जाएगा। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम में किए जा रहे अपडेट का हिस्सा बताया जा रहा है।
भारत में 25 जून 1975 को इमरजेंसी लागू की गई थी, जो 21 मार्च 1977 तक चली। इस दौरान देश की राजनीति, नागरिक अधिकारों, प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा था। अब NCERT के सिलेबस में इस सेक्शन को शामिल करने के बाद छात्रों को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के इस अहम दौर को समझने का मौका मिलेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इमरजेंसी जैसे विषयों को स्कूल स्तर पर पढ़ाना जरूरी है, ताकि छात्र यह समझ सकें कि लोकतंत्र में संविधान, नागरिक अधिकार, न्यायपालिका और मीडिया की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। इस अध्याय के जरिए छात्रों को यह भी बताया जा सकता है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती क्यों जरूरी है।
NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम को अधिक भारतीय संदर्भ, संवैधानिक मूल्यों और ऐतिहासिक घटनाओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी दिशा में यह बदलाव अहम माना जा रहा है। हालांकि, ऐसे विषयों को पढ़ाने में संतुलित और तथ्यात्मक प्रस्तुति जरूरी होगी, ताकि छात्र किसी राजनीतिक विवाद के बजाय इतिहास और लोकतंत्र की सीख को समझ सकें।
channel_009 निष्कर्ष:
NCERT द्वारा कक्षा 9वीं के सिलेबस में इमरजेंसी सेक्शन शामिल करना शिक्षा और इतिहास दोनों के लिहाज से अहम कदम है। इससे छात्रों को लोकतंत्र की मजबूती और नागरिक अधिकारों की अहमियत समझने का अवसर मिलेगा।
आपकी राय क्या है — क्या स्कूलों में इमरजेंसी जैसे संवेदनशील राजनीतिक इतिहास को पढ़ाया जाना चाहिए? कमेंट में बताइए।
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