वाराणसी की ऐतिहासिक दाल मंडी में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सोमवार को बड़ा हंगामा हो गया। बुलडोजर कार्रवाई से नाराज़ एक व्यापारी ने अपनी ही दुकान में आग लगा दी और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी देने लगा।
प्रशासन ने दाल मंडी में जर्जर बताए गए 21 मकानों और दुकानों में से 18 को गिरा दिया। कार्रवाई शुरू होते ही एक व्यापारी दुकान की पहली मंजिल पर चढ़ गया और बोला कि अगर दुकान गिराई गई तो वह जान दे देगा। व्यापारी का कहना था कि उसकी दुकान जर्जर नहीं है और मुआवजा न देने के लिए उसे जानबूझकर जर्जर घोषित किया गया है।
गुस्से में आकर व्यापारी ने दुकान में आग लगा दी। मौके पर मौजूद पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई और स्थिति को संभाला।
दुकानदारों का विरोध, भावुक हुए लोग
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान अन्य दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने भी विरोध किया। कई लोग रोते-बिलखते नजर आए। दुकानदारों ने प्रशासन से 10 दिन का समय देने की मांग की और कहा कि बिना सही व्यवस्था के उनकी दुकानें तोड़ी जा रही हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी छिन रही है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे के दौरान पुलिस ने 8 लोगों को हिरासत में लिया। इलाके में करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। चार थानों की फोर्स, महिला पुलिस और ड्रोन से निगरानी की गई। दाल मंडी जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग भी कर दी गई।
प्रशासन का पक्ष
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए पुराने और खतरनाक मकानों को गिराया जा रहा है। उनके अनुसार ये मकान 100 साल से ज्यादा पुराने हैं और लोगों की जान को खतरा था। उन्होंने कहा कि मकान मालिकों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जनवरी में दाल मंडी में कई मकान गिराए जा चुके हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी एक दिन की कार्रवाई मानी जा रही है।
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