भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उनके इस फैसले ने लाखों फैंस को भावुक कर दिया। कोहली ने अपने करियर में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसे पाना हर क्रिकेटर का सपना होता है।
कोहली का करियर आंकड़ों में भी बेहद शानदार रहा—
- 123 टेस्ट मैच खेले
- 9230 रन बनाए
- 30 शतक और 31 अर्धशतक जमाए
कोहली का टेस्ट करियर भारतीय क्रिकेट की रीढ़ की हड्डी की तरह रहा। चाहे ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या साउथ अफ्रीका की कठिन पिचें हों, कोहली ने हर जगह रन बनाए और टीम को जीत दिलाई।
कोहली के रिटायरमेंट के बाद पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी बड़ी बात कही। इरफान ने साफ शब्दों में कहा कि कोहली भले ही दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में एक समय ऐसा आया जब वह लगातार एक ही तरीके से आउट हो रहे थे।
इरफान ने कहा –
“इसका मतलब यह नहीं कि विराट खराब खिलाड़ी थे। वह लाजवाब बल्लेबाज हैं। लेकिन अगर मैदान पर कुछ बार-बार हो रहा है तो उसे सच की तरह बताना भी जरूरी है। आलोचना का मतलब खिलाड़ी को छोटा दिखाना नहीं होता, बल्कि सही चीज सामने लाना होता है।”
विराट कोहली ने अपना आखिरी टेस्ट मैच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में खेला। यह सीरीज़ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेहद रोमांचक रही। कोहली का बल्ला इस सीरीज़ में चल तो रहा था, लेकिन वह अपने पुराने अंदाज़ में लंबे शतक नहीं बना पाए। इसी के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया।
क्यों खास रहा कोहली का टेस्ट करियर
कोहली ने विदेश में जाकर भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई।
कप्तान रहते हुए उन्होंने टीम को फिटनेस और आक्रामकता की नई पहचान दी।
उनके 30 टेस्ट शतक आज भी इस बात का सबूत हैं कि वह कितने बड़े बल्लेबाज थे।
इरफान पठान का बयान बताता है कि महान खिलाड़ी भी आलोचना से ऊपर नहीं होते। लेकिन इससे कोहली की महानता कम नहीं होती। वह हमेशा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाएंगे।
कोहली का नाम अब सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों के साथ लिया जाएगा। उनका टेस्ट करियर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल रहेगा।
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