वॉशिंगटन – अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां दो इजरायली राजनयिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना गुरुवार को कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहर हुई। दोनों मृतक, यारोन लिस्चिंस्की और सारा लिन मिलग्रिम, इजरायली दूतावास में कार्यरत थे और एक निजी कार्यक्रम में भाग लेकर बाहर निकल रहे थे।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया: ट्रंप “दुखी और क्रोधित”
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया से बातचीत में बताया, “पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस निर्मम हत्या से बेहद आहत और नाराज़ हैं। यारोन और सारा एक सुंदर युवा जोड़ा थे। यह यहूदी विरोधी हमला निंदनीय है और अमेरिका ऐसे नफ़रतपूर्ण कृत्यों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कदम उठा रही है।”
हमले के पीछे संदिग्ध की ‘फ्री फिलिस्तीन’ की नारेबाज़ी
मेट्रोपॉलिटन पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध की पहचान एलियास रोड्रिगेज के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 30 वर्ष है और वह शिकागो का निवासी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले से पहले वह संग्रहालय के बाहर ‘Free Palestine’ के नारे लगा रहा था। पुलिस प्रमुख पामेला स्मिथ ने बताया कि हमलावर ने चार लोगों के समूह को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई।
पीड़ितों की सगाई होने वाली थी
इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने बताया कि मृतक युगल जल्द ही सगाई करने वाले थे। यारोन ने अगले हफ्ते यरूशलेम में सारा को अंगूठी पहनाने की योजना बनाई थी। यह घटना उस समय हुई जब वे कार्यक्रम से बाहर निकलकर अपने वाहन की ओर जा रहे थे।
ट्रंप और नेतन्याहू ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “यह यहूदी विरोधी हमला अमानवीय और घृणित है। अमेरिका में ऐसे उग्रवाद और नफरत की कोई जगह नहीं है।” उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “यहूदी विरोधी उकसावे की भयावह परिणति” बताया और कहा कि उन्होंने दुनिया भर में सभी इजरायली दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है।
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