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जयपुर। मोतीडूंगरी की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (शिवगढ़ी) के कपाट इस महाशिवरात्रि 15 फरवरी को भी श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोले जाएंगे। सुरक्षा कारणों और पहाड़ी की कमजोर स्थिति को देखते हुए यह मंदिर लगातार छठे साल आम लोगों के लिए बंद रहेगा।
मंदिर की खास बातें
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स्थापना: लगभग 299 साल पहले।
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विशेषता: उदयपुर के प्रसिद्ध एकलिंगेश्वर मंदिर की प्रतिकृति।
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मान्यता: पूर्व महाराजा सवाई जयसिंह के पुत्र माधोसिंह के समय इसे विशेष धार्मिक महत्व मिला।
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मंदिर में महादेव का अतिसूक्ष्म श्वेत शिवलिंग विराजमान है। पहले सिर्फ महाशिवरात्रि पर ही दर्शन होते थे।
बंद करने का कारण
मंदिर की चढ़ाई जर्जर हो गई है और पहाड़ी के कुछ हिस्सों में गहरी दरारें आ गई हैं। भारी भीड़ होने पर किसी दुर्घटना का खतरा रहता है। इसलिए पूर्व राजपरिवार और प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मंदिर बंद रखने का निर्णय लिया है।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
युवा श्रद्धालु निराश हैं, उनका मानना है कि शिवगढ़ी सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर के दर्शन करने का अनुभव अलग ही होता है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है।
शहर के अन्य शिवालयों में तैयारी
महाशिवरात्रि पर जयपुर के अन्य प्रमुख शिवालय जैसे ताड़केश्वर महादेव, झाड़खंड महादेव, जंगलेश्वर, भूतेश्वर, रोजगारेश्वर में विशेष पूजा और जलाभिषेक होंगे। बर्फ की झांकियां और शृंगार भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे। गलता तीर्थ सहित विभिन्न जगहों पर शिवमहापुरण कथा और भोले की बारात का आयोजन होगा।
शिवगढ़ी के कपाट बंद होने के बावजूद, शहर के अन्य मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय रहेगा।
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