Breaking News

शेयर बाजार क्लोजिंग: निचले स्तर से रिकवरी, सेंसेक्स इंट्राडे लो से 1400 अंक ऊपर चढ़ा

13 दिसंबर को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
13 दिसंबर, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स पहले 1,000 अंकों की गिरावट के साथ 80,300 के स्तर तक फिसल गया था, लेकिन अंत में अच्छी रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स अपने इंट्राडे लो से 1,400 अंक ऊपर चढ़ा।

शुरुआत में गिरावट
शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी। सेंसेक्स 77 अंक गिरकर 81,212 पर खुला, वहीं निफ्टी में भी 50 अंकों की गिरावट रही। बैंक निफ्टी और मिडकैप, स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट रही।

रिकवरी का दौर
दिन के मध्य तक बाजार ने निचले स्तर से तेजी दिखाई। सेंसेक्स 1,400 अंक चढ़ गया। निफ्टी पर अदानी एंटरप्राइजेज, भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा और अदानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में तेजी आई। हालांकि, एनटीपीसी, एचयूएल, कोल इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प और बीपीसीएल के शेयरों में गिरावट रही।

बाजार पर दबाव
शेयर बाजार पर दबाव के कारण:

  1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: एफआईआई ने 3,560 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
  2. वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
  3. मध्य पूर्व में संघर्ष: युद्ध की आशंका और तेल की कीमतों में अस्थिरता ने बाजार को प्रभावित किया।
  4. फेडरल रिजर्व का संभावित निर्णय: 18 दिसंबर को फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर निर्णय की चिंता भी बनी हुई है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेत
भारतीय बाजार में इस हफ्ते कारोबार सीमित दायरे में हुआ। अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट रही। वहीं, निक्केई और GIFT निफ्टी में भी कमजोरी देखी गई।

सोने और चांदी में गिरावट
डॉलर की मजबूती के कारण सोने और चांदी की कीमत में गिरावट आई। सोना 50 डॉलर गिरकर 2,700 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, वहीं घरेलू बाजार में सोना 1,000 रुपये गिरकर 78,000 रुपये के नीचे बंद हुआ। चांदी में भी गिरावट आई और यह 92,600 रुपये प्रति किलो के नीचे बंद हुई।

सकारात्मक संकेत
हालांकि, घरेलू आर्थिक संकेतों में कुछ सकारात्मकता भी देखने को मिली। नवंबर में खुदरा महंगाई 5.5% पर आ गई, वहीं औद्योगिक उत्पादन में अक्टूबर में 3.5% की वृद्धि दर्ज की गई।

निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, घटती महंगाई और घरेलू संकेत बाजार को सहारा दे सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य संदर्भ के लिए है। निवेश से पहले विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।

About admin

Check Also

क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर उछाल, मिडिल ईस्ट तनाव बना कारण

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?