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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी शैफाली वर्मा का राजस्थान से गहरा नाता है। हाल ही में वे अपने पैतृक गांव जालावास (जिला खैरथल-तिजारा) पहुंचीं, जहां उन्होंने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और गांव के लोगों से मुलाकात की।
राजस्थान से शैफाली का संबंध
शैफाली वर्मा के पूर्वज राजस्थान के जालावास गांव के मूल निवासी थे। उनके परदादा सोहनलाल सोनी यहीं रहते थे, लेकिन उनके निधन के बाद परदादी अपने बच्चों के साथ हरियाणा के रोहतक चली गईं। हालांकि, परिवार के लोग आज भी अपने कुलदेवी और कुलदेवता के दर्शन के लिए जालावास आते रहते हैं।
शैफाली ने इस बार बहरोड़ के दहमी गांव में स्थित शीतला माता मंदिर और बाबा मैंडा वाला मंदिर में पूजा की। उन्होंने कहा कि उनके पिता संजीव वर्मा परिवार की हर खुशी और सफलता में कुलदेवी और कुलदेवता का आशीर्वाद मानते हैं, इसलिए वे कई बार यहां आ चुकी हैं।
15 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
शैफाली वर्मा ने सिर्फ 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाकर महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 16 साल की उम्र में अपना पहला अर्धशतक लगाया था, जबकि शैफाली ने इससे भी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर ली।
इसके अलावा, उन्होंने पिछले साल बांग्लादेश के खिलाफ 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए सचिन का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा और सबसे कम उम्र में 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं।
शैफाली वर्मा कौन हैं?
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जन्म: 28 जनवरी 2004, रोहतक, हरियाणा
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: स्वर्णकार परिवार, पैतृक गांव जालावास (राजस्थान)
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विशेष उपलब्धियां:
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भारत की सबसे कम उम्र की टी-20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
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सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाने वाली महिला क्रिकेटर
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100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी
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शैफाली वर्मा ने अपनी मेहनत और टैलेंट से भारतीय महिला क्रिकेट में एक नया मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।
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