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संभल/लखनऊ।
यूपी के संभल में हुई हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा है कि उनका इस घटना में कोई रोल नहीं है। वे लखनऊ में न्यायिक जांच आयोग के सामने पेश हुए और अपना पक्ष रखा।
“मैं हिंसा के समय मौके पर नहीं था” – सांसद बर्क
बर्क ने मीडिया से कहा कि उन्होंने जांच आयोग का पूरा सम्मान किया और हर सवाल का जवाब दिया। उनका कहना है कि जिस दिन हिंसा हुई, वे मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके खिलाफ न कोई वॉइस रिकॉर्डिंग है और न ही कोई ठोस सबूत, फिर भी उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा है।
SIT की पूछताछ में भी दिया था पूरा सहयोग
बर्क ने बताया कि वे पहले भी 8 अप्रैल को नखासा थाने में SIT की पूछताछ में शामिल हुए थे। वहां उनसे करीब 50 सवाल पूछे गए, जिनमें से ज्यादातर का उन्होंने जवाब दिया।
“पुलिस की रिपोर्ट गलत, इंसाफ कोर्ट से मिलेगा”
बर्क ने कहा कि पुलिस जो कह रही है, वह सब सच नहीं है। अगर सिर्फ पुलिस की बात मानी जाए, तो अदालतों की जरूरत ही नहीं होती। उन्हें भरोसा है कि कोर्ट से उन्हें इंसाफ मिलेगा।
सपा विधायक के बेटे ने भी रखा पक्ष
बर्क के साथ सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल भी आयोग के सामने पेश हुए और उन्होंने भी अपनी बात रखी। इससे पहले संभल के एसपी भी आयोग के सामने रिपोर्ट और सबूत दे चुके हैं।
आयोग कर रहा है जांच
तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है, जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जज देवेन्द्र अरोड़ा कर रहे हैं। उनके साथ पूर्व डीजीपी एके जैन और पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद भी शामिल हैं।
24 नवंबर को हुआ था बवाल
यह घटना 24 नवंबर 2024 को हुई थी, जब कोर्ट के आदेश पर एडवोकेट कमिश्नर की टीम जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची। इसके बाद वहां हजारों की भीड़ जमा हो गई और पथराव शुरू हो गया।
पुलिस को भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। भीड़ ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और चार युवक गोली लगने से मारे गए। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
सांसद समेत 800 अज्ञात लोगों पर केस
इस मामले में सांसद बर्क, विधायक का बेटा और 800 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। अब तक करीब 80 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फोन कॉल और मैसेज से बर्क पर शक
SIT की केस डायरी में दावा किया गया है कि बर्क ने हिंसा से एक दिन पहले जफर अली को फोन कर सर्वे रुकवाने और भीड़ जुटाने के लिए कहा था। कॉल और मैसेज की डिटेल्स भी रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
SIT के मुताबिक, बर्क ने हिंसा के बाद जफर अली को कहा था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के बताओ कि लोग पुलिस की गोली से मरे हैं।
बर्क बोले – “मैं कानून व्यवस्था में विश्वास रखता हूं”
सांसद बर्क ने कहा कि वे किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं और देश में कानून का राज होना चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि सच सामने आएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।
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