रियाद/मक्का:
सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के अल-खुरमा क्षेत्र में हाल ही में एक विशाल सोने की खदान की खोज हुई है, जिससे देश के खनन उद्योग को नया बल मिलने की संभावना है। यह खोज सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर खनिज संसाधनों की ओर ले जाने की रणनीति का हिस्सा है।
कहाँ मिली है खदान?
यह खदान मक्का के दक्षिणी हिस्से में स्थित मंसूराह मसारा खदान से करीब 100 किलोमीटर दूर है। नई ड्रिलिंग से पता चला है कि एक टन चट्टान में औसतन 10.4 ग्राम से लेकर 20.6 ग्राम तक सोना पाया जा सकता है – जो कि खनन के लिहाज से बेहद समृद्ध आँकड़ा है।
खनन क्षेत्र में क्या होगा असर?
इस खोज के बाद खनन कंपनी Ma’aden ने इस पूरे क्षेत्र में और अधिक ड्रिलिंग करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित खुदाई क्षेत्र लगभग 25 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जो जबल अल-गदरा और बीर अल-तवीला तक जाएगा। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 125 किलोमीटर तक सोने की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है।
Ma’aden की रणनीति और विजन 2030
Ma’aden कंपनी के CEO रॉबर्ट विल के अनुसार, यह खोज न केवल सऊदी के खनन क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि देश को वैश्विक सोना उत्पादक देशों की सूची में प्रमुख स्थान दिला सकती है। Ma’aden में सऊदी के Public Investment Fund (PIF) की 67% हिस्सेदारी है, जिससे यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय विकास रणनीति का अभिन्न हिस्सा बन जाता है।
अब सिर्फ तेल नहीं – खनिजों की तरफ भी ध्यान
अब तक मंसूराह मसारा खदान में 7 मिलियन औंस सोने की मौजूदगी दर्ज की गई है और हर वर्ष लगभग 2.5 लाख औंस सोना निकाला जाता है। यह सऊदी की सबसे तकनीकी रूप से उन्नत खदानों में से एक मानी जाती है।
क्या होगा आर्थिक और सामाजिक असर?
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राजस्व में भारी इजाफा
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नई नौकरियाँ
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वैश्विक निवेश में उछाल
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आर्थिक विविधीकरण
निष्कर्ष
सऊदी अरब की यह खोज न केवल उसकी आर्थिक नीति में बड़ा बदलाव है, बल्कि यह संकेत देती है कि देश अब तेल से आगे बढ़कर खनिज संसाधनों पर आधारित भविष्य की ओर अग्रसर है। आने वाले वर्षों में यह कदम सऊदी को वैश्विक खनन मानचित्र पर मजबूत स्थिति दिला सकता है।
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