नौगांवा। अब सरकारी स्कूलों का रूप तेजी से बदल रहा है। सामाजिक संस्थाओं और संगठनों के सहयोग से स्कूलों की हालत सुधारी जा रही है। स्कूलों को न सिर्फ सजाया और रंग-रोगन किया गया है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
अब स्कूलों में दीवारों पर शैक्षिक चित्र बनाए गए हैं, ताकि बच्चे दीवारों से भी कुछ नया सीख सकें। पुराने और खराब शौचालयों को नई और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया गया है। पीने के पानी की व्यवस्था सुधारी गई है और वर्षा जल संचयन के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग टैंक भी बनाए गए हैं। साथ ही बच्चों के लिए आरामदायक फर्नीचर लगाया गया है, जिससे पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ है।
अब स्कूलों को इस बदले हुए रूप में नए सत्र में बच्चों के आने का इंतजार है।
मोजेक और सहगल फाउंडेशन का योगदान
इस बदलाव में मोजेक फाउंडेशन और एसएम सहगल फाउंडेशन का बड़ा योगदान है। इन संस्थाओं ने कई स्कूलों की **मरम्म
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