Breaking News

सांवलिया सेठ को महीनेभर में 41.67 करोड़ रुपए का चढ़ावा:रिकॉर्ड दान में 3 करोड़ का सोना-चांदी भी; मंदिर में 56 भोग-मोरपंख पर अब पाबंदी

आस्था का महासागर | सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का रिकॉर्ड, एक महीने में 41.67 करोड़ दान

चित्तौड़गढ़ (राजस्थान): मेवाड़ की आस्था का प्रमुख केंद्र सांवलिया सेठ मंदिर इन दिनों सुर्खियों में है। मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था इस कदर उमड़ी कि सिर्फ एक महीने में 41.67 करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ा—जो अब तक का रिकॉर्ड बताया जा रहा है।


💰 दान में क्या-क्या मिला?

मंदिर प्रशासन के मुताबिक:

  • कुल चढ़ावा: ₹41.67 करोड़
  • सोना-चांदी: करीब ₹3 करोड़ मूल्य का
  • नकद और अन्य भेंट: भारी मात्रा में

देश-विदेश से आए भक्तों ने दिल खोलकर दान किया, जिससे मंदिर की आय में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।


🚫 56 भोग और मोरपंख पर पाबंदी क्यों?

मंदिर समिति ने व्यवस्था और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं:

  • 56 भोग (विशेष प्रसाद) पर नियंत्रण/पाबंदी
  • मोरपंख चढ़ाने पर रोक

प्रशासन का कहना है कि अत्यधिक भीड़ और चढ़ावे की मात्रा बढ़ने से प्रबंधन और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, इसलिए यह कदम उठाया गया।


🙏 आस्था vs व्यवस्था

जहां एक ओर भक्तों की आस्था लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर प्रबंधन के सामने भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।


📊 क्यों खास है यह मंदिर?

सांवलिया सेठ मंदिर को भगवान कृष्ण का स्वरूप माना जाता है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
विशेष मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है—इसी वजह से इसे “मेवाड़ का खजांची भगवान” भी कहा जाता है।


📌 निष्कर्ष

एक महीने में 41 करोड़ से ज्यादा का चढ़ावा इस बात का संकेत है कि आस्था का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इसके साथ ही व्यवस्था और नियमों का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

About admin

Check Also

कुक्के सुब्रह्मण्य मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए अगले दो वर्षों में 1,000 अतिरिक्त कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।

कुक्के सुब्रह्मण्य मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं अगले दो वर्षों में 1,000 नए …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?