प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस यात्रा ने भारत की वैश्विक ताकत और कूटनीतिक प्रभाव का नया संदेश दिया है। 23 वर्षों में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने साइप्रस का दौरा किया है और यह यात्रा व्यापार, रणनीतिक सहयोग, डिजिटल तकनीक, और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
🇮🇳 बातचीत और समझौतों का नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक और आर्थिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
वार्ता में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद थे।
📈 व्यापार, निवेश और फिनटेक में बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच सहयोग के कई क्षेत्र हैं जिनमें विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं:
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व्यापार और निवेश
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डिजिटल भुगतान (UPI)
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पर्यटन
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रक्षा और लॉजिस्टिक्स
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स्टार्टअप्स और फिनटेक
इस अवसर पर भारत के NPCI इंटरनेशनल और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिससे सीमा-पार डिजिटल भुगतान को आसान बनाया जाएगा।
💼 गिफ्ट सिटी और साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज के बीच करार
भारत के गिफ्ट सिटी (गुजरात) स्थित NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज और साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज के बीच सहयोग स्थापित किया गया है। यह भारत और यूरोप के बीच इस तरह का पहला वित्तीय जुड़ाव है।
🏛️ भारत-ग्रीस-साइप्रस की त्रिपक्षीय साझेदारी
इस यात्रा के दौरान भारत, ग्रीस और साइप्रस ने मिलकर एक त्रिपक्षीय व्यापार एवं निवेश परिषद (IGC) स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य शिपिंग, ग्रीन एनर्जी, एविएशन और डिजिटल सेवाओं में साझेदारी को प्रोत्साहित करना है।
🌐 “यह युद्ध का युग नहीं है” – पीएम मोदी
वार्ता के बाद दिए गए बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“यह युद्ध का युग नहीं है। हमें संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान खोजने की आवश्यकता है।”
उन्होंने पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि स्थिरता के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
📊 भारत की वैश्विक ताकत का प्रदर्शन
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्रगति का ज़िक्र करते हुए कहा:
“भारत आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने जा रहा है। जीएसटी, टैक्स सुधार, डिजिटल क्रांति और कारोबार को आसान बनाने जैसे कदमों ने भारत को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाया है।”
✈️ रणनीतिक दृष्टि से अहम यात्रा
साइप्रस की यह यात्रा न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, विशेषकर साइप्रस और तुर्की के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को देखते हुए।
🔚 निष्कर्ष: भारत-साइप्रस संबंधों में नया दौर
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और साइप्रस के बीच संबंधों को नई दिशा और गति देने का काम करेगी। दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि वे आने वाले वर्षों में रणनीतिक, डिजिटल और आर्थिक मोर्चों पर और अधिक सहयोग को प्राथमिकता देंगे।
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