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ग्वालियर व्यापार मेले में मनोरंजन के नाम पर सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर आप मेले में झूले झूलने जा रहे हैं, तो अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद रखना जरूरी है, क्योंकि झूला सेक्टर में न तो फायर सेफ्टी है और न ही फर्स्ट एड की कोई व्यवस्था।
झूला सेक्टर में सुरक्षा लगभग शून्य
मेले में लगे करीब 50 झूलों में से किसी के पास भी:
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फायर सेफ्टी सिलेंडर नहीं
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फर्स्ट एड बॉक्स नहीं
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आपात स्थिति से निपटने की कोई तैयारी नहीं
यदि झूला झूलते समय कोई घायल हो जाए, तो तुरंत मदद का कोई इंतजाम नहीं दिखता।
सेफ्टी सर्टिफिकेट भी सिर्फ कागजों में
झूलों के लिए जारी किए गए सेफ्टी और बीमा सर्टिफिकेट पर भी सवाल उठ रहे हैं। इनमें यह साफ नहीं बताया गया है कि:
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कौन-सी मशीन लगी है
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उसकी क्षमता कितनी है
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कितनी बिजली खपत हो रही है
इसी का फायदा उठाकर कुछ झूलों पर अलग-अलग क्षमता के बिजली कनेक्शन लिए गए हैं और नियमों की अनदेखी हो रही है।
झूला सेक्टर की बड़ी खामियां
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झूलों के बीच दूरी नहीं: नियमों के अनुसार 10–15 फीट की दूरी होनी चाहिए, लेकिन झूले आपस में सटे हैं
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अतिक्रमण: झूला क्षेत्र की सड़कों पर स्टॉल और टिकट काउंटर लगे हैं, जिससे एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड का पहुंचना मुश्किल
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जरूरत से ज्यादा भीड़: रोज हजारों लोग आते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं
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सुरक्षा गियर की कमी: कई झूलों में सीट बेल्ट और ग्रिप नहीं
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बिजली का खतरा: खुले तार और कमजोर वायरिंग
नट-बोल्ट ढीले, वेल्डिंग कमजोर
जांच में सामने आया कि कई झूलों में:
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नट-बोल्ट ढीले हैं
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वेल्डिंग कमजोर है
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बॉडी जर्जर हालत में है
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बिजली के तार खुले पड़े हैं
इसके बावजूद झूले फुल स्पीड में चलाए जा रहे हैं, जिससे सवारियों की जान खतरे में है।
अधिकारियों के निर्देश कागजों तक सीमित
पहले झूला संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होगी और कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नियमों का पालन नहीं हो रहा और निगरानी भी कमजोर है।
विशेषज्ञ की सलाह
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों के अनुसार:
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झूले को तय क्षमता से ज्यादा न चलाएं
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सुरक्षा बेल्ट और हैंडल का जरूर इस्तेमाल करें
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झूलों की नियमित मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल जांच जरूरी है
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किसी भी खराबी पर तुरंत मरम्मत होनी चाहिए
मेले में जाने वालों के लिए सलाह
अगर आप ग्वालियर व्यापार मेले में जा रहे हैं, तो:
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बच्चों को झूलों पर अकेला न छोड़ें
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ज्यादा तेज या पुराने झूलों से बचें
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सुरक्षा उपकरण जरूर जांच लें
याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकती है।
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