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अलवर के वरिष्ठ नागरिक और जलदाय विभाग के पूर्व एक्सईएन विशम्भर मोदी ने सिलीसेढ़ से लाल डिग्गी और कंपनी बाग तक आने वाली दो नहरों की खराब हालत पर चिंता जताई है।
उन्होंने बताया कि करीब 6 महीने पहले 1.28 करोड़ रुपए का प्रस्ताव जल संसाधन विभाग ने सरकार को भेजा था, लेकिन अभी तक उसे मंजूरी नहीं मिली है।
विशम्भर मोदी ने कहा कि बरसात का मौसम आने वाला है, और यदि समय रहते नहरों की मरम्मत नहीं हुई, तो सिलीसेढ़ का पानी दूसरी दिशा में चला जाएगा, जिससे शहर को पानी नहीं मिलेगा।
उन्होंने इस बारे में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को पत्र भी लिखा है, ताकि जल्द से जल्द इस मुद्दे पर कार्रवाई हो।
नहरों से नहीं आया पानी, बढ़ा जल संकट
85 वर्षीय विशम्भर मोदी ने बताया कि राजस्थान पत्रिका ने भी 9 महीने पहले नहरों की मरम्मत और अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया था।
इन नहरों से शहर को पेयजल के अलावा अन्य जरूरतों – जैसे नहाने, पौधों को पानी देने और बाग-बगीचों की सिंचाई – के लिए पानी मिलता था। लेकिन अब नहरों की हालत खराब है और कई जगहों पर अतिक्रमण भी हो चुका है।
बारिश से पहले नहरों की मरम्मत जरूरी
विशम्भर मोदी ने अपील की है कि बरसात शुरू होने से पहले ही इन नहरों की मरम्मत कराई जाए। उन्होंने नेताओं से कहा कि वे जल संसाधन विभाग को निर्देश दें ताकि समय रहते काम शुरू हो सके।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी इस जरूरी काम के लिए आपके प्रयासों की सराहना करेगी।
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